देहरादून, 27 मार्च (आईएएनएस)। कांग्रेस के बागी विधायकों ने उत्तराखंड में रविवार को लागू राष्ट्रपति शासन का स्वागत किया है। अपनी बगावत को सही कदम ठहराते हुए बागियों ने कहा कि उन्होंने जो कुछ किया, राज्य की जनता के हित में किया।
बागियों के अगुवा पूर्व मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा ने राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाने का स्वागत करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने यह फैसला इसलिए लिया, क्योंकि यहां ‘लोकतंत्र की हत्या’ की गई।
उन्होंने कहा कि राज्य में माफियाओं की पकड़ है और आबकारी तथा अन्य विभागों में उच्चस्तरीय भ्रष्टाचार है।
बहुगुणा ने आईएएनएस से कहा, “मैं इस कदम (राष्ट्रपति शासन) का स्वागत करता हूं। मुझे भरोसा है कि हरीश रावत सरकार के खिलाफ लगे भ्रष्टाचार के आरोपों की जांच होगी।”
उनका हालांकि मानना है कि राज्य में राष्ट्रपति शासन लंबे समय तक जारी नहीं रहना चाहिए।
उत्तराखंड से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता सतपाल महाराज ने भी राज्य में राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने का स्वागत करते हुए कहा कि हरीश रावत के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन राज्य में कांग्रेस सरकार की ताबूत का आखिरी कील साबित हुआ। रावत ने हालांकि इस स्टिंग को फर्जी बताया है और राज्य में निर्वाचित सरकार को बहुमत साबित करने का मौका न देकर राष्ट्रपति शासन लागू किए जाने को संविधान और लोकतंत्र की हत्या करार दिया है।
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