उदयपुर, 10 फरवरी (आईएएनएस) राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार को विश्व संगीत महोत्सव के दूसरे संस्करण का आगाज हो गया। महोत्सव का पहला दिन सूफी संगीत के नाम रहा। सूफी गायकी के लिए मशहूर कैलाश खेर ने अपनी जबरदस्त प्रस्तुति से उदयपुर की फिजा को सुरमय बना दिया।
उदयपुर, 10 फरवरी (आईएएनएस) राजस्थान के उदयपुर में शुक्रवार को विश्व संगीत महोत्सव के दूसरे संस्करण का आगाज हो गया। महोत्सव का पहला दिन सूफी संगीत के नाम रहा। सूफी गायकी के लिए मशहूर कैलाश खेर ने अपनी जबरदस्त प्रस्तुति से उदयपुर की फिजा को सुरमय बना दिया।
शहर के गांधी ग्राउंड में मोजाम्बिक, नार्वे, स्वीडन और जिम्बाब्वे के कलाकारों के बैंड मोनास्वीजि के मदमस्त संगीत ने लोगों को झूमने पर मजबूर कर दिया। इस बैंड के कलाकारों ने तबला, हारमोनियम, सैक्सोफोन, गिटार और जिम्बाब्वे के पारंपरिक वाद्य यंत्र लूला से बेहतरीन प्रस्तुति दी। इस बैंड की एकमात्र महिला कलाकार तूसा की गायकी ने भीड़ को मंत्रमुग्ध कर दिया। बैंड ने पारंपरिक अफ्रीकी गीतों और संगीत के साथ जिम्बाब्वे-स्वीडन के संगीत की जुगलबंदी भी पेश की।
इस संगीत महोत्सव के पहले दिन ईरानी मूल की अमेरिकी गायिका आजम अली ने ईरानी संगीत को भारतीय कलेवर में पेश किया। उन्होंने कैफी आजमी की शायरी को बिल्कुल अलग और नए अंदाज में पेश किया। उनके बैंड निजाम में एक तबला वादक, बांसुरी बजाने वाला और सितार वादक ने भी बखूबी साथ दिया।
आजम अली ने इलेक्ट्रो सूफी संगीत की इस खास विधा को श्रोताओं से रूबरू कराया। आजम अली ने मंच से हिंदी में लोगों को संबोधित कर चौंका दिया। उन्होंने कहा कि उनके बचपन के 11 साल पंचगनी में बीते हैं और उन्हें भारत में बार-बार आना अच्छा लगता है।
पहले दिन की आखिरी प्रस्तुति कैलाश खेर के नाम रही। कैलाश जब अपने बैंड कैलासा के साथ मंच पर पहुंचे तो पूरा मैदान कैलासा-कैलासा के नारों से गूंज उठा। कैलाश ने अपने चिर-परिचित अंदाज में सूफी गानों से माहौल मस्तमौला कर दिया। उनके हो गई दीवानी, रंग दी नी जैसे गानों की गूंज से मैदान गूंज उठा। भारी संख्या में लोगों के उमड़ने की वजह से पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं।
इस तीन दिवसीय विश्व संगीत महोत्सव में भारत सहित ब्रिटेन, इटली, दक्षिण अफ्रीका, सेनेगल, कनाडा, आर्मेनिया, तुर्की, मैकेडोनिया, मोजाम्बिक, नॉर्वे, ईरान, क्यूबा और स्विट्जरलैंड सहित कुल 16 देशों के 150 कलाकार हिस्सा ले रहे हैं।
संगीत महोत्सव का शुभारंभ राजस्थान के गृहमंत्री गुलाब सिंह कटियार ने किया। उन्होंने इस मौके पर कहा, उदयपुर में इस तरह के कार्यक्रमों के आयोजन की असली वजह पर्यटन को बढ़ावा देना है। इस महोत्सव के जरिए दुनियाभर की बेहतरीन प्रतिभाओं को अपना हुनर दिखाने का मौका मिलता है। इस धरती का इतिहास बहुत अद्भुत रहा है और अब उदयपुर पर्यटन की ²ष्टि से विश्व के अग्रणी शहरों में से एक होने जा रहा है।
उदयपुर में 10 से 12 फरवरी तक चलेगा और इसमें प्रवेश निशुल्क है।
दर्शकदीर्घा में मौजूद एक स्थानीय निवासी झुरमुर ने आईएएनएस को बताया, “ये अंतर्राष्ट्रीय कलाकार नए और अनोखे ढंग के उपकरणों का इस्तेमाल कर रहे हैं। इन्हें पहले इन वाद्य यंत्रों के बारे में जानकारी भी देनी चाहिए।”
महोत्सव के निदेशक संजीव भार्गव ने आईएएनएस को बताया, “इस तरह के कार्यक्रमों में हिस्सा लेने वाले कलाकारों को दिल्ली या मुंबई जैसे बड़े शहरों में सुनने को नहीं मिलेगा। पिछले साल यह महोत्सव सिर्फ दो दिन का था, लेकिन इस बार तीन दिवसीय है जो इसकी जनमानस में इसकी लोकप्रियता को दिखाता है।”
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