वहीं कोर्ट में दुष्कर्म पीड़िता की मां ने भी अर्जी दाखिल की है। अर्जी में कहा गया है कि पीड़िता के मृतक पिता के खिलाफ आर्म्स एक्ट में फर्जी एफआईआर दर्ज कराने वाले पिंटू सिंह के लापता होने की भी जांच हो। इसके पीछे कौन है, इसकी जांच हो।
उधर प्रगति रिपोर्ट पर कोर्ट ने कहा कि सीबीआई पीड़िता व उसके रिश्तेदारों का भी बयान ले। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों की जमानत निरस्त कराए और हवालात में मौत के आरोपियों पर कार्रवाई करे। कोर्ट ने 15 दिन बाद रिपोर्ट फिर तलब करते हुए सीबीआई की धीमी जांच से नाराजगी जाहिर की।
मामले की सुनवाई कर रहे मुख्य न्यायाधीश डीबी भोसले व जस्टिस सुनीत कुमार की खंडपीठ अब मामले की अगली सुनवाई 21 मई को करेगी। कोर्ट ने कहा कि वह हर बार आदेश नहीं देगी। सीबीआई कानून के तहत कार्यवाही करे और अभियुक्तों को उन्नाव जेल से लखनऊ जेल स्थानान्तरण कराए।
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