लखनऊ, 18 अगस्त (आईएएनएस)। अयोध्या में विवादित श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला को नए तिरपाल से ढकने की कवायद शुरू हो चुकी है। आईआईटी रुड़की के विद्यार्थियों को ‘फायरप्रूफ शीट’ (तिरपाल) बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फैजाबाद के मंडलायुक्त ने फायरप्रूफ शीट निर्माण के लिए आईआईटी रुड़की को पत्र लिखा है।
लखनऊ, 18 अगस्त (आईएएनएस)। अयोध्या में विवादित श्रीराम जन्मभूमि पर विराजमान रामलला को नए तिरपाल से ढकने की कवायद शुरू हो चुकी है। आईआईटी रुड़की के विद्यार्थियों को ‘फायरप्रूफ शीट’ (तिरपाल) बनाने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। फैजाबाद के मंडलायुक्त ने फायरप्रूफ शीट निर्माण के लिए आईआईटी रुड़की को पत्र लिखा है।
मंडलायुक्त सूर्य प्रकाश मिश्रा ने बताया, “आईआईटी रुड़की की एक टीम सर्वे करने के लिए 30 अगस्त को आएगी। वह फायरप्रूफ शीट बनाने में एक्सपर्ट हैं, इसलिए प्रशासन ने उन्हें यह काम दिया है।”
सर्वोच्च न्यायालय ने 11 अगस्त को अयोध्या में विवादित श्रीराम जन्मभूमि को छांव देने के लिए छत पर लगे तिरपाल को बदलने की इजाजत दे दी थी।
इस दौरान रामजन्म भूमि-बाबरी मस्जिद विवाद में पैरोकार के रूप में शामिल ऑल इंडिया सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य भी मौजूद रहेंगे।
रामलला स्थल के आसपास होने वाले निर्माण कार्य जिलाधिकारी की निगरानी में होंगे। इसके अलावा पर्यवेक्षक के रूप में उच्च न्यायालय के दो या सर्वोच्च न्यायालय द्वारा नियुक्त अतिरिक्त न्यायाधीश भी मौजूद रहेंगे।
भाजपा नेता सुब्रमण्यम स्वामी ने सर्वोच्च न्यायालय में एक अर्जी दायर कर मांग की थी कि विवादित स्थल पर मौजूद रामलला मंदिर में आने वाले लोगों के लिए बुनियादी सुविधाएं जुटाई जाएं।
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