लगभग एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की छोटी गाड़ी को देखते ही आक्रोशित लोगों ने उसे घेर लिया। स्थिति को भांपते हुए नायब दरोगा ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी को लौटा दिया।
ग्रामीणों ने बताया कि कुशहर स्थित हीरानंद एवं रामजतन की महुआ बाग से आग की लपट उठी। पछुआ हवा के चलते आग ने गेहूं की खड़ी फसल को अपनी चपेट में ले लिया और लगभग 40 एकड़ खड़ी गेहूं की फसल को अपनी चपेट में ले लिया।
सबसे अधिक प्रमोद कुमार सिंह उर्फ मुन्ना सिंह के गेहूं की छह बीघा फसल जल गई, जबकि बटाईदार एवं लगान पर फसल बोने वालों में अवध अंग्राहित, प्रभुनाथ, गोरख, रामेश्वर, हीरा, सुरेंद्र, प्रभु, संजय, छितेश्वर, अक्षय, मोहन, रामअवतार, गामा, गोरख, पूर्णवासी, मुनिब, ददन, देवकुमार, गोपाल, ओमप्रकाश के अलावा अवधेश सिंह, बजरंगी सिंह के गेहूं की फसल जल गई। इस दौरान रामेश्वर सिंह का बगीचा जलकर राख हो गया।
उधर, दोकटी थाना क्षेत्र के लच्छूटोला गांव में बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी आग में पांच रिहायशी झोपड़ियां तथा उसमें रखा घर-गृहस्थी का सारा सामान जलकर राख हो गया। साथ ही खलिहान में रखे सैकड़ों बोझ गेहूं भी जलकर राख हो गया।
इधर, कोतवाली थाना क्षेत्र के हैबतपुर गांव में हाईटेंशन तार की चिंगारी से लगी आग में लगभग डेढ़ लाख रुपये के गेहूं का बोझ जलकर राख गया। साथ ही दरवाजे पर खड़ी बोलेरो भी जल गई।
आग में भैंस, बछिया व पाड़ी भी बुरी तरह से झुलस गई। वहीं, सिकंदरपुर क्षेत्र के जमालपुर गांव में अज्ञात कारणों से लगी आग में तीन एकड़ गेहूं की खड़ी फसल जलकर राख हो गई। इससे पहले, रविवार की सुबह रसीद अहमद के गेहूं के खेत में अचानक आग लग गई।
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