आजम ने 29 नवंबर, 2015 को रामपुर में एक प्रेस वार्ता में आईपीएस अधिकारी अमिताभ ठाकुर के लिए कथित तौर पर अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया था। इस मामले में अमिताभ ने आजम पर उनके लिए अत्यंत अमर्यादित व अनुचित शब्दों का इस्तेमाल करने और प्रशासनिक अधिकारी के नाम पर कलंक कहने का आरोप लगाते हुए सीजेएम कोर्ट में वाद दायर किया था।
सीजेएम कोर्ट लखनऊ ने 13 दिसंबर, 2016 को आजम के खिलाफ कई धाराओं के तहत समन और इस साल पांच अप्रैल को 10,000 रुपये के व्यक्तिगत बंधपत्र पर जमानतीय वारंट जारी किया था, जिसे उच्च न्यायालय ने स्थगित कर दिया था।
फिलहाल मामले की सुनवाई चल रही है। गुरुवार को अमिताभ द्वारा दायर परिवाद में सीजेएम लखनऊ संध्या श्रीवास्तव ने पूर्व मंत्री आजम के न्यायालय में उपस्थित नहीं होने पर उनके अधिवक्ता को हाजिर होकर स्थिति स्पष्ट करने के आदेश दिए हैं। साथ ही उन्होंने अपने कार्यालय को इस मामले में इलाहाबाद उच्च न्यायालय की लखनऊ पीठ में खां द्वारा दायर वाद की स्थिति भी ज्ञात करने के आदेश दिए।
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