बीती 22 जुलाई को युवा उद्योगपति और सागर रत्ना होटल के पार्टनर संजीव गुप्ता अचानक लापता हो गए थे। इस मामले में पुलिस रिपोर्ट दर्ज कर जांच कर रही थी। इस बीच 100 करोड़ रुपये की फिरौती मांगे जाने का संदेश आने के बाद और व्यापरियों के बढ़ते दबाव के बाद मामले की जांच के लिए एसटीएफ और क्राइम ब्रांच सहित छह टीमों को लगाया गया था। शुक्रवार रात कारोबारी संजीव गुप्ता को पानीपत के होटल से बरामद करते हुए पुलिस ने मामले का खुलासा कर दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार ने शनिवार को बताया, “शुक्रवार देर शाम एसटीएफ और अपराध शाखा की टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि कारोबारी संजीव गुप्ता को हरियाणा राज्य के पानीपत जिले में स्वर्ण होटल के आसपास देखा गया है। सूचना पर टीम वहां पहुंची और वहां से जाने की तैयारी कर रहे कारोबारी संजीव गुप्ता को होटल के गेट से सकुशल बरामद कर लिया गया।”
एसएसपी ने बताया, “संजीव गुप्ता ने पूछताछ में स्वीकार किया है कि उन्होंने अपने अपहरण का झूठा नाटक रचा था, क्योंकि वो किसी महिला को फंसाना चाहता था। लखनऊ एसटीएफ ने संजीव का फोन सर्विलांस पर लगाया था, जिसकी लोकेशन कश्मीर के अलग-अलग जगहों पर मिल रही थी। इसने पुलिस को चकमा देने के लिए हरियाणा का रुख किया था, जिसके बाद कारोबारी पकड़ा गया।”
एसएसपी ने कहा कि पुलिस के अब तक की जांच में कुछ ऐसे तथ्य हाथ लगे हैं, जिससे अपहरण की पूरी घटना प्रथमदृष्टया संदिग्ध लगती है। मामले की विवेचना जारी है। जांच पूरी होने पर हकीकत सामने आएगी।
टीम की इस सफलता पर अपर पुलिस महानिदेशक आगरा ने टीम को 15,000 रुपये नगद इनाम देने की घोषणा की है।
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