भोर लगभग 4 बजे रोज की तरह जगने वाले परिजन जब घर के बाहर आए तो उन्हें चीखें सुनाई दीं। उन्होंने तत्काल 100 नंबर डायल करना शुरू किया और लगभग 6 बजे तक फोन लगाते रहे, लेकिन फोन कोई उठा नहीं रहा था। इसके बाद ग्रामीणों ने पुलिस कप्तान का मोबाइल नंबर मिलाया, लेकिन उस पर भी कोई जवाब नहीं मिला। अंत में जिलाधिकारी पुष्पा सिंह के मोबाइल पर डायल किया गया। डीएम ने फोन उठाया और उनकी बात सुनी तथा संबंधितों को निर्देश दिया। राह देखते 9 बजे बज गए, लेकिन कोई भी सरकारी नुमाइंदा नहीं पहुंच सका।
ग्रामीणों के अनुसार, दौलतपुर गांव निवासी लगभग 38 वर्षीय राम शंकर अपने दरवाजे पर सो रहा था। मध्यरात्रि के लगभग उसे लघुशंका लगी तो नींद से जग कर सामने मैदान में चल पड़ा और पास में स्थित भूपट गहरे सूखे कुआं के अंदर जा गिरा। समूची रात युवक दर्द से कराहता, चीखता रहा लेकिन उसकी सुनने वाला सुनसान रात में कोई नहीं था।
करीब साढ़े नौ बजे मौके पर पहुंची फायर बिग्रेड की टीम ने भी हाथ खड़े कर दिए। बाद में जिलाधिकारी के निर्देश पर सीएमओ ने अस्पताल से ऑक्सीजन भिजवाया, लेकिन जहरीली गैस के भय से कोई भी कुएं के अंदर उतरने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था।
अंत में ग्रामीण धर्मेद्र सिंह ने हिम्मत जुटाई और ऑक्सीजन के सहारे वह कुआं में उतरा। धर्मेद्र के अथक प्रयासों से राम शंकर को बाहर निकाला गया। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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