लखनऊ, 15 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री शैलेंद्र यादव ‘ललई’ का कहना है कि अखिलेश सरकार ने अपने चार वर्षो के कार्यकाल के दौरान बिजली का उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार की कोशिश उत्तर प्रदेश को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की है।
लखनऊ, 15 मार्च (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश के ऊर्जा राज्यमंत्री शैलेंद्र यादव ‘ललई’ का कहना है कि अखिलेश सरकार ने अपने चार वर्षो के कार्यकाल के दौरान बिजली का उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा है कि सरकार की कोशिश उत्तर प्रदेश को बिजली के मामले में आत्मनिर्भर बनाने की है।
उप्र के ऊर्जा राज्यमंत्री ने आईएएनएस से विशेष बातचीत में कहा कि उप्र में चार वर्षो के भीतर बिजली के क्षेत्र में जितना काम अखिलेश यादव के नेतृत्व में हुआ है, उतना पिछले 25 वर्षो के दौरान नहीं हुआ।
राज्यमंत्री ने कहा, “पिछले 25 वर्षो के दौरान पिछली सरकारों ने उप्र में बिजली समस्या की तरफ ध्यान नहीं दिया। इसीलिए समस्याएं बढ़ती चली गईं। उप्र में शासन करने वाली सरकारों ने बिजली के संसाधनों को विकसित नहीं किया।”
ललई यादव ने कहा कि मुलायम सिंह यादव जब मुख्यमंत्री बने थे, तब इस दिशा में काम शुरू हुआ, लेकिन बाद में सरकार बदलने के बाद सारी योजनाएं ठप्प हो गईं। एक बार फिर जब अखिलेश यादव वर्ष 2012 में मुख्यमंत्री बने तो पिछली सरकारों की गलतियों को सुधार कर उप्र में बिजली का उत्पादन बढ़ाने की दिशा में काम शुरू किया गया।
पूर्व की सरकारों पर आरोप लगाते हुए ऊर्जा राज्यमंत्री ने कहा, “बसपा और भाजपा के शासनकाल के दौरान बिजली के उत्पादन को लेकर कुछ काम नहीं हुआ। ट्रांसमिशन के क्षेत्र में कुछ काम नहीं हुआ। नए सब स्टेशन नहीं बनाए गए और नई लाइनें भी नहीं बिछाई गईं। इन सब पर काम हुआ होता तो आने वाले समय में उसका लाभ मिला होता।”
ललई यादव ने कहा कि उप्र में जब भाजपा की सरकार थी तब टांडा और ऊंचाहार में बने थर्मल पॉवर प्लांट को एनटीपीसी को बेच दिया गया। ये दोनों थर्मल पॉवर प्लांट राज्य सरकार के पास होते तो आज राज्य को लगभग 2000 मेगावाट बिजली अलग से मिलती।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कई परियोजनाओं का शिलान्यास किया है। अनपरा डी में 660 मेगावाट के अलावा बारा और ललितपुर में बने पॉवर प्लांट से अगले दो तीन महीने में बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी, जिसका लाभ राज्य की जनता को मिलेगा।
समाजवादी पार्टी के नेता और ऊर्जा राज्यमंत्री ललई यादव ने कहा कि अखिलेश सरकार के प्रयासों का ही नतीजा है कि 15 मार्च, 2016 से राज्य के आठ धार्मिक स्थलों को 24 घंटे बिजली मिलनी शुरू हो जाएगी।
उन्होंने कहा, “उप्र में आठ धार्मिक स्थलों को 15 मार्च से 24 घंटे बिजली मिलनी शुरू हो जाएंगी। पंजप्यारे गुरुद्वारा मेरठ, श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा, बांके बिहारी मंदिर मथुरा, देवा शरीफ बाराबंकी, बौद्ध स्तूप, श्रावस्ती, दरगाह किचौचिया, अम्बेडकरनगर और बनारस में सारनाथ का नाम शामिल है।”
उप्र सरकार को चार वर्ष पूरे होने पर उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री चार हजार करोड़ रुपये की नई परियोजनाओं का शिलान्यास व लोकार्पण करेंगे। इसके तहत उपकेंद्रों का निर्माण कराया जाएगा।
सरकार ने यह फैसला लिया है, ग्रामीण इलाकों में 16 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाएगी और उसमें भी आठ घंटे दिन में ही किया जाएगा, ताकि किसानों को फसलों की सिंचाई के लिए रात में न जागना पड़े।
बुंदेलखंड में पानी की कमी के बारे में पूछे जाने पर ऊर्जा राज्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार ने फैसला किया है कि बुंदेलखंड में टैंकर से लोगों को पीने का पानी मुहैया कराया जाएगा।
ऊर्जा राज्यमंत्री ने दावे के साथ कहा कि बिजली के मामले में उप्र को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में सरकार कदम बढ़ा चुकी है और अक्टूबर, 2016 तक सरकार लगभग 5000 मेगावाट बिजली की व्यवस्था कर लेगी।
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