ग्रामीणों ने बताया कि शिशुपाल (30) के छोटे भाई की बारात शुक्रवार की रात भरुआ सुमेरपुर गई थी। वह अपने भाई की शादी होने से इतना क्षुब्ध था कि बारात में भी नहीं गया। शिशुपाल पूरी रात जागता रहा और सुबह में पेड़ में फांसी का फंदा डालकर झूल गया। उसकी मौत से घर में शादी की खुशियां मातम में बदल गईं।
पुलिस ने शिशुपाल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, प्रागीलाल पाल के पांच बेटे हैं, जिनमें तीन की शादी हो चुकी है। चौथे नंबर शिशुपाल था, जिसकी शादी नहीं हुई थी। लेकिन उससे छोटे भाई की शादी तय कर दी गई, जिससे वह क्षुब्ध था।
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