मृत किसान की बेटी का 28 अप्रैल को फलदान था और 29 अप्रैल को गोद भराई का कार्यक्रम भी तय था। तीन बीघे जमीन के मालिक किसान को अबकी बार सिर्फ तीन कुंतल गेहूं ही थ्रेसिंग के बाद मिला था। ऐसे में बेटी की शादी ऊपर से साहूकारों का कर्जा चुकाने का दबाव भी था। किसान की मौत से परिजनों में कोहराम मचा हुआ है।
उधर, जलालपुर क्षेत्र के बिलगांव में सोमवार को एक किसान की खेतों में ही सदमे से मौत हो गई। हालांकि मृतक के भतीजे ने इसे हादसा बताया है।
सुमेरपुर क्षेत्र के मूल रूप से मिहुना गांव निवासी शिवनाथ कुशवाहा (50) कस्बे के धर्मेश्वर बाबा मुहाल में पत्नी बच्चों के साथ रहता था। तीन बीघा खेती के मालिक शिवनाथ के पास इस वर्ष महज तीन कुंतल गेहूं पैदा हुआ है। ताजा घटना में वह बेहोश होकर घर पर गिर गया।
पत्नी राजेश कुमारी अन्य पड़ोसियों की मदद से उसे उठाकर सदर अस्पताल ले गई, जहां डाक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शव घर आते ही परिवार में कोहराम मच गया।
मृतक के बड़े भाई बनवारी लाल कुशवाहा ने बताया कि शिवनाथ मृतक की दो पुत्रियां मोना उर्फ मोनू, दामिनी के साथ एक पुत्र राहुल उर्फ लल्लू है। राहुल सूरत गुजरात में रहकर मजदूरी करता है।
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