संघ ने चेतावनी दी है कि यदि इस मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो आंदोलन किया जाएगा। इसका निर्णय रविवार को संघ के जिला अध्यक्ष इंद्रप्रकाश श्रीवास्तव की अध्यक्षता में क्वींस इंटर कॉलेज में हुई जिला संगठन की बैठक में लिया गया।
संगठन के प्रदेश मंत्री डॉ. आर. पी. मिश्र ने बताया कि राजधानी लखनऊ में लगभग दो हजार फर्जी (बिना मान्यता) विद्यालय संचालित हैं। वर्ष 2011-2012 में जिला विद्यालय निरीक्षक उमेश कुमार द्वारा पुलिस में इस सिलसिले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई थी, लेकिन शिक्षाधिकारियों द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं करने से मामला दब गया।
इस सत्र के प्रारंभ में जिला विद्यालय निरीक्षक फर्जी छात्रों का पंजीकरण करने वाले विद्यालयों की स्थलीय जांच कराकर ही बोर्ड परीक्षा फार्म तथा कक्षा नौ एवं ग्यारह के पंजीकरण फार्म अग्रसारित किए जाने की बात कह चुके हैं, जिसके बाद विद्यालयों को नोटिस भी जारी किया गया था।
उन्होंने कहा कि कुछ विद्यालयों द्वारा अतिरिक्त वर्ग की मान्यता प्रदान करने के आवेदन किया गया था और कुछ विद्यालयों को अतिरिक्त वर्ग की मान्यता भी स्वीकृत हुई थी। वहीं कुछ विद्यालयों के अतिरिक्त वर्ग की मान्यता पर सवाल भी उठे हैं।
डॉ. मिश्र ने बताया कि संज्ञान में आया है कि बीते वर्ष की तरह इस वर्ष भी शिक्षा/नकल माफिया ने फर्जी छात्रों का बोर्ड परीक्षा फार्म भरवाने के लिए 100 रुपये प्रति छात्र की दर से तथा कक्षा नौ एवं ग्यारह के फर्जी छात्रों का पंजीकरण कराने के लिए 200 रुपये प्रति छात्र की दर से पंजीकरण कराने का ठेका लिया है।
जिला संगठन अध्यक्ष इंद्र प्रकाश श्रीवास्तव एवं मंत्री अनुराग मिश्र ने चेतावनी दी है कि यदि जिला विद्यालय निरीक्षक द्वारा फर्जी विद्यालयों के पंजीकरण फार्म अग्रसारित किए गए और फर्जी छात्रों का बोर्ड परीक्षा फार्म तथा कक्षा नौ एवं ग्यारह के फर्जी छात्रों का पंजीकरण करने वाले मान्यता प्राप्त विद्यालयों के विरुद्ध मान्यता समाप्त करने की कार्रवाई नहीं की गई तो संगठन आंदोलनात्मक कदम उठाने के लिए बाध्य होगा।
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