माकपा के जिला सचिव प्रदीप शर्मा ने कहा, “नोटबंदी से आम जनता को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसे ध्यान में रखते हुए व्यवस्था सुचारु होने तक पुराने नोटों को चलने दिया जाना चाहिए।”
उन्होंने कहा कि नोटबंदी विदेशों से काला धन वापस नहीं ला पाने और सबके खाते में 15 लाख का वादा पूरा न कर पाने की नाकामी छुपाने का प्रसास है।
एडवा की अध्यक्ष मुध गर्ग ने कहा, “मोदी सरकार के इस फैसले से आम जनता पिस रही है, महिलाएं कई दिनों से सड़कों पर कतारों में लग रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनाव के दौरान 90 प्रतिशत से ज्यादा काला धन स्विस बैंक में जमा होने की बात कही थी। इनमें 648 लोगों की सूची भी पीएम के पास है। उन पर कार्रवाई न कर आम जनता को परेशान किया जाना कतई मुनासिब नहीं है।”
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