तीन बार विधायक व दो बार राज्यमंत्री रहे रामपाल वर्मा को तगड़ा झटका लगा है। वह बालामऊ से बसपा के झंडे तले विधानसभा चुनाव लड़ने का मंसूबा संजोए हुए थे और तैयारियों में जुटे थे। उन पर पार्टी विरोधी गतिविधियों में शामिल होने का आरोप लगा और जिलाध्यक्ष अमर सिंह ने उनके पार्टी से निष्कासन का पत्र मीडिया को सार्वजनिक कर दिया।
रामपाल वर्मा के भतीजे अशोक रावत बसपा से दो बार सांसद भी रह चुके हैं और मौजूदा दौर में पार्टी में हैं।
बसपा से निष्कासित रामपाल वर्मा का नया ठिकाना भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) हो सकता है।
सूत्रों ने बताया कि वर्मा कई बार भाजपा की ड्योढ़ी तक परिक्रमा कर आए हैं। वर्मा ने हालांकि अभी अपने पत्ते खोले नहीं हैं, लेकिन निकटस्थ सूत्र बता रहे हैं कि उनका अगला पड़ाव भाजपा हो सकती है।
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