जख्मी बंदी को पुलिस सुरक्षा के बीच उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। बंदी की जेब से एक सुसाइड नोट भी मिला, जिसमें तत्काल एसओजी प्रभारी रहे अजय सेठ पर आरोप लगाया गया है।
कानपुर नगर के नौबस्ता निवासी सचिन वर्मा पुत्र रमेश कुमार वर्मा पिछले कई महीनों से जिला कारागार मंे बंद है। शनिवार सुबह जब उसे पेशी पर लाने की तैयारी चल रही थी, तभी उसने पहले से अपने पास रखी दो पुड़िया डाई पी ली और ब्लेड निकालकर अपनी गर्दन व दोनों हाथों पर कई वार किए।
बंदी के बुरी तरह जख्मी होने की जानकारी जब पुलिस को मिली तो उनके हाथ-पैर फूल गए। आनन-फानन मंे उसे उपचार के लिए जिला चिकित्सालय लाया गया। वहां इलाज के दौरान बंदी ने बताया कि पुलिस ने उसे कई फर्जी मामलों मंे फंसाया है। बंदी की कानपुर नौबस्ता में ज्वेलरी की दुकान है।
बंदी सचिन वर्मा ने यह भी बताया कि उसके ऊपर चोरी का इल्जाम लगाते हुए 16 मार्च को उसे पुलिस ने उठा लिया था और कई फर्जी मुकदमें बनाकर उसे जेल भेज दिया था। इस कारण वह हमेशा तनाव में रहता है। उसने यह भी बताया कि 27 जून को उसके ऊपर गंैगेस्टर की कार्रवाई की गई। इन्हीं यातनाओं के चलते उसने खुदकुशी करने की कोशिश की।
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