ग्रामीणों द्वारा आग पर काबू पाने के बाद दमकल वाहन पहुंचने से लोग काफी आक्रोशित दिखे। क्षेत्रीय राजस्वकर्मियों ने मुआयना करने के बाद रिपोर्ट तहसील को भेज दी है।
ग्रामीणों के अनुसार, पयागपुर तहसील क्षेत्र के नेजाभार बाबागंज गांव निवासी कंधईलाल के मकान में अचानक आग लग गई। उस समय परिवार के लोग खाना खा रहे थे। आस पड़ोस के लोगों के शोर पर जब परिवारजन आंगन में पहुंचे तो छप्पर और खपरैल से आग की लपटें निकल रही थीं। पहले तो सभी ने लपटों को बुझाने की कोशिश की, लेकिन सफल न होने पर भागकर जान बचाई।
चीख-पुकार सुनकर गांव के लोग दौड़े, लेकिन पछुवा हवा काफी तेज चल रही थी। ऐसे में जब तक ग्रामीण आग बुझाने का उपाय करते। तब तक लपटों ने पड़ोसियों के मकानों को भी आगोश में ले लिया। अग्निशमन विभाग को सूचना दी गई, लेकिन सवा घंटे बाद दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। तब तक किसी तरह ग्रामीणों ने हैंडपंप और कुएं के द्वारा आग की लपटों पर काबू पा लिया।
घर के अंदर से गृहस्थी निकालने और आग बुझाने की कोशिश में कंधईलाल और सहजराम आंशिक रूप से झुलस गए।
उधर, तहसीलदारपुरवा निवासी ढोढ़े, फकीरे और लालता सहित चार लोगों के फूस के मकान आग की भेंट चढ़ गए, जबकि पंडितपुरवा निवासी प्रभु, ननके और बड़कन्ना के मकान अज्ञात कारणों से लगी आग से जल गए। प्रभु की दो बकरियां भी जिंदा जल गईं। सभी घरों में अनाज, कपड़ा, बर्तन, जेवरात आग की भेंट चढ़ गया।
क्षेत्रीय राजस्वकर्मियों ने बाबागंज गांव में पहुंचकर हालात का मुआयना किया। सभी स्थानों पर पीड़ित परिवार खुले आसमान तले रहने को मजबूर हैं।
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