प्रमुख सचिव ने बताया कि शासनादेश के अनुसार, प्रत्येक वर्ष 10 दिसंबर को मानवाधिकार दिवस के रूप में आयोजित किया जाता है। उन्होंने जिलाधिकारियों को उनके अधीनस्थों, नियंत्रणाधीन समस्त अधिकारी, निगमों, फेडरेशनों, उपक्रमों, शैक्षिक संस्थाओं के अधिकारियों व कर्मचारियों को मानवाधिकारकी शपथ दिलाई जाए।
उन्होंने जिलाधिकारियों को आदेशों का सख्ती से पालन कराने जाने के निर्देश दिए हैं और कहा है कि मानवाधिकार दिवस पर समाज के मानवाधिकारों के प्रचार-प्रसार के इंटरमीडिएट स्तर पर विद्यालयों में निबंध व वाद-विवाद प्रतियोगिताएं तथा विश्वविद्यालय, संस्थाओं द्वारा सेमिनार एवं कारागार, पुलिस विभागों में मानवाधिकार के प्रति अधिकारियों व कर्मचारियों को संवेदनशील बनाए जाने के लिए कार्यशालाओं का आयोजन भी किया जाए।
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