उत्तरी कश्मीर की बर्फीली पहाड़ियों में आतंकवादियों से मुठभेड़ के दौरान शहीद हवलदार हंगपन दादा ने चार आतंकवादियों को मौत के घाट उतार दिया। ये आतंकवादी पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से घुसपैठ कर भारत में आतंकवादी घटनाओं को अंजाम देना चाहते थे।
असम रेजिमेंट के इस वीर जांबाज ने अपनी जान की परवाह किए बगैर एक भीषण मुठभेड़ में इन आतंकवादियों को अपने अंजाम तक पहुंचाया। इस मुठभेड़ में हवलदार हंगमन दादा ने सर्वोच्च बलिदान दे कर राष्ट्र की अखंडता को आंच भी न आने दी। इस वीरता के कारण शहीद हवलदार अंगमन दादा को देश के सर्वोच्च सम्मान अशोक चक्र से सम्मानित किया गया।
मध्य कमान के सेनाध्यक्ष ले. जनरल बीएस नेगी ने प्रशस्ति पत्र और एक लाख रुपये की सम्मान राशि चासेन लोवंग दादा को भेजकर उनका सम्मान किया।
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