उप्र में विपक्ष ने कानून व्यवस्था, बिजली के मुद्दे पर सरकार को घेरा

लखनऊ, 19 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र के पांचवें दिन भी कानून व्यवस्था को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार को घेरने की कोशिश की। कानून व्यवस्था पर चर्चा को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष में नोंक-झोंक भी हुई। इसके बाद कांग्रेस विधायकों ने सदन से बहिर्गमन किया। इसके बाद सपा ने बिजली मुद्दे पर मंत्री के जवाब से असंतुष्ट होकर सदन से बहिर्गमन किया।

सुबह विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही कांग्रेस के सदस्यों ने मथुरा में सर्राफा व्यापारियों की हत्या को कानून-व्यवस्था से जोड़ते हुए हंगामा किया। कांग्रेस के सदस्यों नियम 311 के तहत सदन में कानून-व्यवस्था को लेकर चर्चा कराने की मांग की, लेकिन विधानसभा अध्यक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया।

अध्यक्ष के मना करने के बाद कांग्रेस के सदस्यों ने सदन से बहिगर्मन किया। सदन में कांग्रेस के नेता अजय कुमार सिंह लल्लू ने कहा कि सरकार कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा कराने से भाग रही है। उप्र की राजधानी लखनऊ में सरेआम एक आईएएस अधिकारी की हत्या कर दी गई।

उन्होंने कहा कि कर्नाटक कैडर का अधिकारी जब तक कर्नाटक में था तब तक वह सुरक्षित था, लेकिन जैसे ही वह उप्र में आया, यहां की बदहाल कानून व्यवस्था का शिकार हो गया।

लल्लू ने कहा कि मथुरा में सर्राफा व्यवसायियों की हत्या के बाद पूरे प्रदेश की कानून-व्यवस्था का बुरा हाल है। पूरे प्रदेश के सर्राफा व्यापारी शुक्रवार को हड़ताल पर हैं।

कांग्रेस के सदस्यों के बहिर्गमन के बाद सदन में बिजली के मुद्दे को लेकर सत्ता पक्ष और सपा के सदस्यों के बीच नोंक-झोंक हो गई। सपा की ओर से आजम खान ने सरकार से यह जानना चाहा कि उप्र में बिजली किस रोस्टर से मिल रही है? सपा सरकार जाने के बाद वर्तमान सरकार ने अपनी तरफ से कितनी अतिरिक्त बिजली का इंतजाम किया है?

आजम के सवाल का जवाब देने के लिए सरकार की तरफ से ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा सामने आए। उन्होंने कहा कि पिछली सरकार ने जो गड्ढ़े खोदे हैं, सरकार फिलहाल उसी को भरने का काम कर रही है। सरकार ने तय किया है कि गावों में 18 घंटे, तहसील स्तर पर 20 घंटे और जिला मुख्यालयों में 24 घंटे बिजली की आपूर्ति की जाएगी।

शर्मा के इस जवाब से असंतुष्ट सपा के विधायकों ने सदन से बहिर्गमन कर दिया। हालांकि लगभग 20 मिनट बाद वे फिर सदन में लौट आए और चर्चा में भाग लिया।

गौरतलब है कि पहले विधानसभा सत्र 22 मई तक चलना था, लेकिन कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में फैसला हुआ कि सत्र शुक्रवार को ही खत्म होगा। आज विधानसभा सत्र का पांचवां और अंतिम दिन है।

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