लखनऊ, 18 मई (आईएएनएस)। उत्तर प्रदेश में चल रहे विधान मंडल सत्र (विधानसभा व विधान परिषद) में केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री अनिल माधव दवे के निधन पर शोक व्यक्त किया गया। इस दौरान दोनो सदनों में सदस्यों ने उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
विधानसभा की कार्यवाही शुरू होते ही अध्यक्ष हृदय नारायण दीक्षित ने केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अनिल माधव दवे के निधन की सूचना से सदन को अवगत कराया।
दवे के निधन पर पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए दीक्षित ने कहा कि दवे एक प्रतिष्ठित सामाजिक कार्यकर्ता, सर्जक, लेखक और भारतीय राष्ट्रवादी भूमिका को समाज में ले जाने वाले विचारनिष्ठ राजनेता थे।
उन्होंने कहा कि जो लोग समाज में नई मर्यादाओं को गढ़ने में ध्येयनिष्ठ एवं कर्मनिष्ठ बने रहते हैं, इतिहास उनका हमेशा अभिनंदन करता है। अनिल माधव दवे ऐसी ही शख्सियत थे।
इस मौके पर मुख्यमंत्री एवं नेता सदन योगी आदित्यनाथ ने अनिल माधव दवे के निधन पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए कहा कि दिवंगत दवे छात्र जीवन से ही विभिन्न सामाजिक व राजनैतिक गतिविधियों और कार्यक्रमों में सक्रिय रहे हैं।
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश समेत देश के तमाम भागों में उनके द्वारा किए गए रचनात्मक कार्यो की विभिन्न संगठनों एवं संस्थाओं द्वारा सराहना की गई है। भारतीय जनता पार्टी और उससे जुड़े विभिन्न संगठनों के साथ उनका लंबे समय से जुड़ाव रहा है।
योगी ने कहा, “अनिल माधव दवे के कार्यो एवं संसद में उनकी रचनात्मक गतिविधियों को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने उन्हें केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) का दायित्व देकर केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया।”
इस दौरान सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के नेता व मंत्री ओम प्रकाश राजभर, नेता विरोधी दल राम गोविंद चौधरी, बहुजन समाज पार्टी के लालजी वर्मा, कांग्रेस के अजय कुमार ‘लल्लू’, अपना दल के आर. के. पटेल ने दवे के निधन पर शोक व्यक्त किया।
इधर, विधान परिषद में भी सदन की कार्यवाही बीच में ही रोककर सभापति ने सदन को अनिल माधव दवे के निधन की सूचना दी। इसके बाद सभी सदस्यों ने दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की।
dharmpath.com dharmpath