राज्यपाल ने अपने शोक संदेश में कहा है कि मलिकजादा मंजूर उर्दू के विकास एवं प्रसार के लिए प्रयासरत रहे। उन्होंने अनेक पुस्तकें लिखीं। मंजूर के निधन से उर्दू जगत को अपूरणीय क्षति हुई है।
अपने शोक संदेश में मुख्यमंत्री ने कहा कि मंजूर ने उर्दू शायरी और साहित्य को समृद्ध किया। उर्दू भाषा के विकास व प्रसार के लिए वे आजीवन समर्पित रहे। सरल भाषा में शायरी करके उन्होंने अपनी खास पहचान बनाई।
राज्यपाल व मुख्यमंत्री ने दिवंगत आत्मा की शांति की कामना करते हुए शोक संतप्त परिजनों के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना भी व्यक्त की है।
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