एडीजीसी राजेंद्र गंगवार ने बताया कि थाना सीबीगंज में महेशपुर अटारिया गांव की भूरी ने बेटे इश्त्याक मंसूरी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि एक जनवरी 2015 को मामूली विवाद में इश्त्याक ने बेटी सरवीन की गड़ासे से गला काट कर हत्या कर दी थी।
इस मामले में एक-एक कर के घर के सभी सदस्य बयानों से मुकर गए और अज्ञात पर सरवीन की हत्या का आरोप लगाया। लेकिन पड़ोसी शमीम अंसारी ने न्यायालय में इश्त्याक के खिलाफ गवाही दी।
न्यायाधीश प्रीति श्रीवास्तव ने घर के अंदर सवरीन की हत्या और हत्यारोपी से बरामद आलाकत्ल बरामदगी को ठोस सबूत मानते हुए इश्त्याक को सश्रम आजीवन कारावास की कैद की सजा सुनाई।
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