नई दिल्ली, 22 नवंबर (आईएएनएस)। पेंशन निधि विनियामक एवं विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) ने एक अप्रैल, 2016 से नई पेंशन प्रणाली (एनपीएस) के उपभोक्ताओं के लिए निकासी दावे के निपटारे के लिए ऑनलाइन आवेदन अनिवार्य कर दिया है।
पीएफआरडीए के आदेश के मुताबिक, “एक अप्रैल, 2016 से सेंट्रल रिकार्डकीपिंग एजेंसी (सीआरए) में आगे की प्रक्रिया के लिए सिर्फ उन आवेदनों को ही स्वीकार किया जाएगा, जो ऑनलाइन प्लेटफार्म पर जमा किए जाएंगे।”
नियामक ने कहा, “कागज के आवेदन पत्र स्वीकार नहीं किए जाएंगे।”
पीएफआरडीए ने कहा कि वह डिजिटल भारत कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध है और एनपीएस संबंधी अन्य सेवाओं को भी ऑनलाइन प्लेटफार्म पर उपलब्ध करने की कोशिश की जा रही है।
उन्होंने कहा, “ऑनलाइन आवेदन से निकासी की प्रक्रिया कागज विहीन हो जाएगी और पूरी प्रक्रिया कम से कम समय में निपट जाएगी।”
एक जनवरी, 2004 को या उसके बाद केंद्र सरकार की सेवा से जुड़ने वाले सभी कर्मचारियों (सैन्य बलों को छोड़कर) के लिए एनपीएस लागू कर दिया गया है।
मई 2009 से हर भारतीय नागरिक के लिए स्वैच्छिक आधार पर एनपीएस उपलब्ध करा दिया गया है। एनपीएस उपभोक्ता की सेवानिवृत्ति, समय से पहले सेवानिवृत्ति और मृत्यु की स्थिति में एनपीएस से निकासी की जा सकती है।
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