नई दिल्ली, 1 जून (आईएएनएस)। दिल्ली अपराध निरोधक शाखा (एसीबी) ने राज्य सरकार की एप आधारित प्रीमियम बस सेवा पर लगे आरोपों की बुधवार को जांच शुरू कर दी। आरोप है कि इस सेवा को शुरू करने के लिए दिल्ली के उपराज्यपाल से मंजूरी नहीं ली गई और इससे एक खास वेबसाइट को फायदा पहुंचाया गया है।
एसीबी के मुताबिक, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के विधायक विजेंद्र गुप्ता की शिकायत के बाद जांच शुरू की गई है।
एसीबी प्रमुख एम.के.मीणा ने आईएएनएस से कहा, “उपराज्यपाल की अवैध अधिसूचना के आरोप की शिकायत मिलने के बाद हमने मामले की जांच शुरू की है।”
भाजपा नेता ने मंगलवार को एसीबी में शिकायत दर्ज कराई थी।
मीणा ने कहा, “अपनी शिकायत में उन्होंने (भाजपा नेता) आरोप लगाया है कि सरकार केवल एक खास समूह का पक्ष ले रही है और इसमें किसी भी मानदंड का पालन नहीं किया गया है। यहां तक कि बसों की संख्या व उनके मार्ग पर भी फैसला नहीं हुआ है।”
उल्लेखनीय है कि अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली दिल्ली सरकार ने लोगों को कार की बजाय सार्वजनिक वाहन की तरफ आकर्षित करने को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में एक जून से प्रीमियम बस सेवा की शुरुआत करने की घोषणा की थी।
dharmpath.com dharmpath