नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली नगर निगम के सफाई कर्मियों की हड़ताल के कारण राजधानी में बजबजाते कूड़े के संकट के मद्देनजर, दिल्ली विधानसभा ने एक तथ्य जांच समिति के गठन के लिए मंगलवार को प्रस्ताव पारित किया।
प्रस्ताव में कहा गया है कि यह समिति इस बात की जांच करे कि तीनों नगर निगमों ने फंड का इस्तेमाल किस प्रकार किया और आर्थिक संकट दूर करने को लेकर क्या प्रयास किए गए।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित तीनों नगर निगमों खासकर पूर्वी दिल्ली नगर निगम में कथित वित्तीय कुप्रबंधन पर विधानसभा में चर्चा के बाद आप के विधायक सौरभ भारद्वाज ने प्रस्ताव पेश किया।
प्रस्ताव का अनुमोदन दिल्ली के उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने किया।
प्रस्ताव पेश करते हुए भारद्वाज ने कहा, “सरकार द्वारा तत्काल एक जांच समिति का गठन किया जाए, ताकि इस बात का पता चल सके कि दिल्ली सरकार द्वारा एमसीडी को दिया गया फंड कहां जा रहा है।”
उन्होंने कहा, “तथ्य जांच समिति की रिपोर्ट विधानसभा के अगले सत्र (बजट सत्र) के दौरान पेश की जाए।”
प्रस्ताव को बिना किसी विरोध के ध्वनि मत से पारित कर दिया गया।
प्रस्ताव का समर्थन करते हुए सिसोदिया ने कहा, “दिल्ली में नगर निगम के चुनाव के बाद हम एमसीडी को उतने ही पैसे में चलाकर दिखाएंगे जो अबतक हम नगर निगमों को देते आए हैं और किसी भी कर्मचारी को वेतन के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा।”
भाजपा शासित पूर्वी दिल्ली नगर निगम ने आरोप लगाया है कि दिल्ली सरकार ने फंड रोक रखा है और एमसीडी को वित्तीय तौर पर सक्षम बनाने के लिए सुधारों का क्रियान्वयन नहीं कर रही है।
दिल्ली के तीनों नगर निगम पर भाजपा का कब्जा है, लेकिन वह फंड के लिए राज्य सरकार पर निर्भर है।
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