नई दिल्ली, 17 जनवरी (आईएएनएस)। अल्पसंख्यक मामलों के केंद्रीय राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) मुख्तार अब्बास नकवी ने मंगलवार को राज्य अल्पसंख्यक आयोगों के वार्षिक सम्मेलन में कहा कि भारत का सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव ‘प्रगति का पासवर्ड’ है।
विज्ञान भवन में आयोजित सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सांस्कृतिक और सामाजिक सद्भाव सुनिश्चित किए बगैर देश में विकास सुनिश्चित नहीं किया जा सकता।
नकवी ने कहा कि केंद्र सरकार ने एक ऐसा माहौल सृजित किया है, जिसमें अल्पसंख्यक भी देश में विकास प्रक्रिया का हिस्सा बनते जा रहे हैं। ‘समावेशी विकास’ केंद्र सरकार की प्रतिबद्धता है और गरीबों का विकास इसका लक्ष्य है।
गुजरात दंगों के लिए माफी न मांगने वाले नरेंद्र मोदी के मंत्री ने कहा कि अल्पसंख्यक कार्य मंत्रालय ने अल्पसंख्यकों के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक सशक्तीकरण के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिसने अल्पसंख्यकों का विकास पथ पर निरंतर आगे बढ़ना सुनिश्चित किया है।
उन्होंने यह भी कहा कि ‘प्रधानमंत्री के नए 15 सूत्री कार्यक्रम’, ‘नई मंजिल’, ‘नई रोशनी’, ‘सीखो और कमाओ’, ‘उस्ताद’ और ‘मैट्रिक से पहले एवं मैट्रिक के बाद दी जाने वाली छात्रवृत्तियों’ से समस्त अल्पसंख्यक लाभान्वित हुए हैं। इसके अलावा, केंद्र सरकार की अन्य योजनाओं जैसे कि ‘मेक इन इंडिया’, ‘कौशल भारत’, ‘स्टार्ट अप इंडिया’ ने भी अल्पसंख्यकों को समान रूप से लाभान्वित किया है।
नकवी ने कहा कि राज्य सरकारों के सहयोग से अल्पसंख्यक मामलों का मंत्रालय स्कूलों, कॉलेजों, मॉल, अस्पतालों व कौशल विकास केंद्रों का निर्माण कर रहा है और सृजित राजस्व का इस्तेमाल मुस्लिम समुदाय के लिए शैक्षणिक एवं अन्य विकासात्मक गतिविधियों के लिए किया जाएगा।
उन्होंने कहा कि वक्फ की भूमि पर बहुउद्देश्यीय सामुदायिक केंद्र ‘सद्भाव मंडप’ भी बनाए जा रहे हैं, जिनका उपयोग विवाह समारोहों और प्रदर्शनियों के साथ-साथ आपदा के दौरान राहत केंद्रों के रूप में भी किया जाएगा।
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