ऐसा शख्स चाहिए जो अपने और दुनिया के साथ सच्चा हो : ओनिर

मुंबई, 24 फरवरी (आईएएनएस)। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता फिल्म निर्माता ओनिर, जो केवल एक बार शादी करने या संबंध रखने की प्रथा में विश्वास नहीं करते हैं, का कहना है कि वह किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रहना चाहते हैं जो खुद के लिए और दुनिया के लिए सच्चा और खुला हो।

ओनिर ने कहा, “मैं उन लोगों को जज नहीं करता हूं जो दोहरी जिंदगी बिताते हैं। मैं उनकी स्थिति को समझता हूं और उनकी पसंद का सम्मान करता हूं। लेकिन, मैं जीवन की एक ऐसी जगह पर हूं जहां अब मैं इसमें कोई भूमिका नहीं निभाना चाहता क्योंकि इससे होने वाला दर्द अकेलेपन की तुलना में कहीं अधिक तीव्र होता है।”

ओनिर ने अपने इन फैसलों का खुलासा इंस्टाग्राम पोस्ट और क्वीर इंक पर किया जहां भारतीय लेस्बियन, गे, ट्रांसजेंडर, क्वीर (एलजीबीटीक्यू) समाज के जीवन के पहलुओं को साझा किया जाता है।

फिल्म निर्माता ने कहा कि वह कभी भी बंद कोठरी में नहीं रहे और न ही उन्हें किसी तरह का दुख हुआ जब उन्हें एहसास हुआ कि वह एक समलैंगिक हैं।

उन्होंने कहा, “मुझे सिनेमा में अपना काम बहुत पसंद है। इन सालों में काम, शानदार दोस्तों और परिवार ने एक प्रेमी न होने के खाली स्थान को भरा। लेकिन, आखिरकार मैंने उस खाली स्थान को महसूस किया और तभी मैंने प्रेमी की तलाश शुरू की।”

फिल्मकार पुरानी यादों को दोहराते हुए बताते हैं, “कुछ समलैंगिक थे. कुछ बाइसेक्सुअल..अधिकांश बेड़ियों में जकड़े थे, कुछ नहीं। कुछ सिंगल थे..कुछ शादीशुदा थे। मैं संबंधों पर एकाधिकार की सोच रखने वाला इंसान नहीं हूं और मैं केवल एक शख्स से शादी करने या संबंध रखने की प्रथा में विश्वास नहीं करता हूं। इसलिए मेरी सोच यह थी कि मेरा साथी अपनी प्रेमिका या जीवनसाथी के साथ हमारे संबंध के बारे में खुला हो।”

उन्होंने कहा, “लेकिन, मुझे धोखा मिला। मैंने सच्चा प्यार किया जिसके बाद कुछ ने मुझे धोखा देकर किसी और से शादी कर ली। वहीं, कुछ ने हमारे संबंध को केवल अपनी जिंदगी की महिलाओं को परेशान करने के लिए एक बहाने के रूप में इस्तेमाल किया।”

ओनिर ने कहा, “छह सितंबर 2018 को एक और कड़वे अनुभव के बाद मैंने फैसला किया कि मैं केवल किसी ऐसे व्यक्ति के साथ रहूंगा जो खुद के लिए और दुनिया के लिए सच्चा और खुला हो।”

वह कहते हैं, “कोई ऐसा हो..जिसे मैं अपने प्रेमी के रूप में अपने दोस्तों और परिवार से मिलवा सकूं। कोई ऐसा जिसके साथ जागूं.. साथ यात्रा करूं.. बातें करूं..खाना बनाऊं, प्यार करूं और जिसके साथ जीवन बिताऊं।”

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