बांदा, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। उस बेचारी को क्या मालूम था कि पहला सुहाग उजड़ने के बाद मिले दूसरे ‘सुहाग’ को भी डकैत छीन लेंगे। यह कहानी चित्रकूट जिले के डोड़ामाफी गांव में ढाई लाख रुपये के इनामी डकैत बबली कोल द्वारा मारे गए रामकरन यादव की विधवा पत्नी गीता की है।
बांदा, 30 सितम्बर (आईएएनएस)। उस बेचारी को क्या मालूम था कि पहला सुहाग उजड़ने के बाद मिले दूसरे ‘सुहाग’ को भी डकैत छीन लेंगे। यह कहानी चित्रकूट जिले के डोड़ामाफी गांव में ढाई लाख रुपये के इनामी डकैत बबली कोल द्वारा मारे गए रामकरन यादव की विधवा पत्नी गीता की है।
दरअसल, रामनगर के गीता की शादी साल 2005 में डोड़ामाफी गांव के ददौली यादव के चौथे नंबर के बेटे रामप्रताप से हुई थी, लेकिन गांव में रंजिश के चलते डकैतों ने रामप्रताप का अपहरण कर दिसंबर 2007 में उसकी हत्या कर दी। परिजनों ने गीता की दूसरी शादी मृतक रामप्रताप के छोटे भाई रामकरन से कर उसकी ‘मांग’ में दोबारा सिंदूर सजा दिया।
लेकिन बेचारी गीता को नहीं पता था कि अपने जिस देवर से वह दोबारा शादी रचा रही है, उसे भी डकैत छीन लेंगे। हुआ यही, जिसकी उम्मीद न थी। बुधवार को गांव पहुंचे डकैत बबली कोल ने रामकरन (27) को पकड़ लिया और दिनदहाड़े उसे गोलियों से भून दिया। इतना ही नहीं, हत्या करने के बाद डकैत करीब एक घंटे तक उसकी लाश पर नाच कर जश्न मनाते रहे।
मृतक रामकरन के भाई मंगल ने कहा, “डकैत करीब सुबह साढ़े छह बजे गांव आए और भाई को पकड़ कर गोली मार दी। मोबाइल फोन के जरिए पुलिस अधीक्षक को घटना की जानकारी दी गई, लेकिन पुलिस करीब दो घंटे बाद आई। तब तक डकैत जंगल में गायब हो चुके थे।”
मंगल ने कहा, “डकैतों से उनकी कोई दुश्मनी नहीं है, गांव में एक अन्य परिवार से रंजिश है। जिसके चलते बदमाशों को सुपारी देकर हत्या कराई गई है।”
चित्रकूट के पुलिस अधीक्षक केशव कुमार चौधरी ने शुक्रवार को कहा, “युवक की हत्या के बाद पुलिस जंगल में डकैतों की खोज में तलाशी अभियान चला रही है, लेकिन अब तक डकैतों का पता नहीं चल पाया है। दस्यु बबली कोल गैंग के सफाया होने तक पुलिस का यह अभियान जारी रहेगा।”
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