कटनी, 22 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के कटनी जिले में हुए पांच सौ करोड़ रुपये के हवाला कांड के आरोपी संतोष गर्ग की मंगलवार को हरिद्वार में मौत हो गई। पुलिस मौत की वजह बीमारी बता रही है। गर्ग इस मामले के सामने आने के बाद से ही फरार था और पुलिस को उसकी तलाश थी।
कटनी के पुलिस अधीक्षक शशिकांत शुक्ला ने बुधवार को आईएएनएस से कहा, “उन्हें गर्ग के बेटे और हरिद्वार पुलिस से संतोष गर्ग की मौत की खबर मिली है। गर्ग के बेटे ने बताया है कि पिता को लीवर की बीमारी थी और उनका अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, हरिद्वार में इलाज चल रहा था और वहीं उनकी मौत हो गई।”
शुक्ला के मुताबिक, “संतोष गर्ग के शव का अभी पोस्टमार्टम नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रपट आने पर ही मौत की वजह का खुलासा हो पाएगा।”
गौरतलब है कि नोटबंदी के बाद कटनी में लगभग पांच सौ करोड़ रुपये के हवाला कारोबार का खुलासा हुआ था। इस मामले में कथित तौर पर राज्य सरकार के मंत्री संजय पाठक का भी नाम आया है। इस कांड का खुलासा करने वाले पुलिस अधीक्षक गौरव तिवारी का आनन-फानन में तबादला कर दिया गया था।
पुलिस के मुताबिक, संतोष गर्ग की कंपनी द्वारा खोले गए एक खाते के जरिए 90 करोड़ रुपये के लेन-देन की बात सामने आई, जिस पर आयकर विभाग ने उसे नोटिस जारी किया था। उसके बाद से ही गर्ग फरार चल रहा था।
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