कटरा कालिंजर (बांदा) : सांसद आदर्श ग्राम योजना की जमीनी हकीकत

इस तरह प्रधानमंत्री ने 2024 तक 6433 गांवों को आदर्श बनाने का सपना देखा है। लेकिन यह योजना जमीनी तौर पर कितनी सफल हो पाई है, यह आपको बांदा के कटरा कालिंजर गांव को देखकर पता लग जाएगा। इस गांव को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सांसद भैरो प्रसाद मिश्रा ने गोद लिया है, पर गांव सांसद की गोद में होने के बावजूद विकास से कोसों दूर है।

कटरा कालिंजर का इतिहास में अपना एक स्थान रहा है। अकबर महान ने अपने चहेते बीरबल को कालिंजर का किला इनाम के तौर पर दिया था। कालिंजर किले और कालिंजर महोत्सव को देखने के लिए हर साल लगभग चार लाख पर्यटक आते हैं। इसके बावजूद गांव की सड़कें टूटी-फूटी हैं और विद्युत व्यवस्था बेकार है।

स्थानीय निवासी विजय कुमार शर्मा कहते हैं, “गांव की नालियां कचरे से भरी हैं, जिसके कारण गंदा पानी रास्तों पर बहता रहता है। झुग्गी-झोपड़ी में रहने वालों को आवास देने की बात भी सांसद भैरो प्रसाद ने की थी। पर लोगों को आवास नहीं मिला है।”

गांव की खस्ता हालत पर सुमन विश्वकर्मा कहते हैं, “जब सांसद जी ने गांव को गोद लिया था तो हम सबको लगा कि गांव की हालत कुछ सुधरेगी पर ऐसा कुछ भी नहीं हुआ।”

ग्राम प्रधान कामता प्रसाद सोनकर कहते हैं, “गांव को गोद लेने का कोई फायदा नहीं दिखा रहा है, क्योंकि यहां के लिए कोई विकास योजना नहीं है।”

गांव को आदर्श ग्राम बनाने के मकसद से कांलिजर विकास समिति का गठन किया गया था। इस समिति के सदस्य जतुल सुल्लेरे कहते हैं, “बात तो आदर्श गांव बनाने की हो रही है, पर यहां बुनियादी सुविधाएं जैसे साफ पानी, सफाई और शिक्षा का बिल्कुल टोटा है।”

कटरा कांलिजर के निवासियों की उम्मीदें अब टूट चुकी हैं, पर सांसद भैरो प्रसाद के प्रति गांववालों का गुस्सा अभी भी बरकरार है।

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