नई दिल्ली, 13 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर के कठुआ और उत्तर प्रदेश के उन्नाव में हुई दुष्कर्म की घटनाओं के संदर्भ में नरेंद्र मोदी सरकार की निष्क्रियता के विरोध में तथा पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने अपने समर्थकों के साथ इंडिया गेट पर गुरुवार मध्यरात्रि मोमबत्ती जुलूस निकाला।
गुरुवार मध्यरात्रि निकाले गए मोमबत्ती जुलूस की सूचना बहुत बाद में दी गई थी, इसके बावजूद जुलूस के समर्थन में इंडिया गेट पर भारी संख्या में लोग पहुंचे।
राहुल गांधी के नेतृत्व में निकाले गए कांग्रेस के मोमबत्ती जुलूस में शामिल होने के लिए कांग्रेस नेता अहमद पटेल, गुलाम नबी आजाद, अंबिका सोनी, अशोक गहलोत, रणदीप सिंह सुरजेवाला और सुष्मिता देव 24, अकबर मार्ग स्थित पार्टी मुख्यालय से अपने सैकड़ों समर्थकों सहित इंडिया गेट तक पैदल गए।
राहुल जुलूस के साथ लगभग मध्यरात्रि में जुड़े। इस दौरान राहुल के साथ उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा भी अपने पति रॉबर्ट वाड्रा और बेटी के साथ मौजूद रहीं।
साल 2012 में पैरामेडिकल की 23 वर्षीय छात्रा निर्भया के साथ हुए अमानवीय सामूहिक दुष्कर्म के बाद भी इंडिया गेट पर ऐसा ही प्रदर्शन हुआ था।
कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल के पास जाने की कोशिश करते रहे, जिससे उनके सुरक्षाकर्मियों को उन्हें नियंत्रण में करने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। राहुल संवाददाताओं से बात करने के लिए एक गाड़ी की छत पर बैठ गए।
उन्होंने कहा कि देश में हिंसा, दुष्कर्म और हत्या के मामले बार-बार हो रहे हैं।
कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, “हम चाहते हैं कि सरकार कार्रवाई करे। आज, महिलाएं अपने घरों से निकलने में असुरक्षित महसूस कर रही हैं। कहीं एक बच्ची की दुष्कर्म के बाद हत्या और एक महिला का दुष्कर्म हुआ है और हम चाहते हैं कि सरकार उन्हें न्याय दे। देश की महिलाओं को सुरक्षित महसूस होना चाहिए।”
गांधी ने कहा कि यह एक राष्ट्रीय मुद्दा है, न कि राजनीतिक मुद्दा।
उन्होंने कहा, “यह महिलाओं की चिंता का विषय है।” उनके अनुसार सभी राजनीतिक पार्टियों सहित आम जनता भी इंडिया गेट पर मौजूद थी।
गांधी ने कहा कि वह सिर्फ इतना कहना चाहते हैं कि देश में महिलाओं के विरुद्ध होने वाले अपराधों के लिए सरकार को कुछ करना चाहिए।
उन्होंने मोदी के बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ नारे को बिल्कुल सही बताते हुए कहा, “नरेंद्र मोदी सरकार को देश की महिलाओं को बचाने का काम शुरू करना चाहिए।”
विरोध प्रदर्शन इंडिया गेट पर लगभग दो घंटे तक चला। कांग्रेस नेताओं की तरफ बढ़ती भीड़ के कारण प्रियंका गांधी वाड्रा थोड़ा परेशान दिखीं।
dharmpath.com dharmpath