कश्मीर में लगातार 49वें दिन कर्फ्यू और बंद जारी (लीड-1)

श्रीनगर, 26 अगस्त (आईएएनएस)। कश्मीर में शुक्रवार को लगातार 49वें दिन प्रशासन के कर्फ्यू और प्रतिबंध तथा अलगाववादियों के बंद से जनजीवन अस्त-व्यस्त है।

पुलिस का कहना है कि अनंतनाग, पुलवामा, बडगाम, शोपियां और श्रीनगर में बिना किसी राहत के कर्फ्यू जारी रहेगा जबकि घाटी में कहीं भी चार या उससे अधिक व्यक्तियों के एक साथ जमा होने पर भी प्रतिबंध लगा रहेगा।

प्रशासन ने घाटी में सुरक्षा-व्यवस्था और कड़ी की है क्योंकि अलगाववादी नेताओं ने ‘आजादी के समर्थन में’ रैली निकालने के लिए लोगों से पुराने श्रीनगर के ईदगाह प्रार्थना स्थल पर जुटने को कहा था।

अलगाववादी नेता ईदगाह में सामूहिक प्रार्थना करना चाहते थे। यहां बड़ी संख्या में ऐसे लोग दफन हैं जिनकी घाटी में आतंकी हिंसा में पिछले 28 सालों में मौत हुई है।

लेकिन, प्रशासन ने विरोध मार्च निकालने के प्रयास को विफल कर दिया है।

अलगाववादी नेताओं को घाटी में 9 जुलाई से शुरू हुई हिंसा के बाद से ही नजरबंद रखा गया है।

अलगाववादी नेता एवं हुर्रियत कांफ्रेंस के एक धड़े के अध्यक्ष सैयद अली शाह गिलानी के हैदरपोरा स्थित घर के बाहर पुलिस की तैनाती की गई है। गिलानी को नजरबंद किया गया है।

हुर्रियत के नरम धड़े के नेता मीरवाइज उमर फारूक को उनके घर से ले जाकर पास के निगीन पुलिस स्टेशन में गुरुवार शाम से रखा गया है। फारूक 25 अगस्त 1989 को श्रीनगर की जामा मस्जिद में पुलिस की छापेमारी की याद में अपने समर्थकों को फोन से संबोधित करना चाह रहे थे।

घाटी में हिजबुल मुजाहिदीन के आतंकवादी बुरहान वानी के आठ जुलाई को सुरक्षाबलों के साथ मुठभेड़ में मारे जाने के बाद फैली हिंसा में अब तक 69 लोगों की मौत हो चुकी है।

डॉक्टर्स एसोसिएशन आफ कश्मीर के प्रवक्ता ने बताया कि बीते सात हफ्ते में 7 हजार आम लोग घायल हुए हैं। इनमें से अधिकांश पैलेट गन से जख्मी हुए हैं।

केंद्रीय गृहमंत्री कश्मीर की स्थिति की समीक्षा के लिए श्रीनगर के दो दिवसीय दौरे पर थे। उन्होंने गुरुवार को कहा था कि कश्मीरी प्रदर्शनकारियों द्वारा पत्थर फेंके जाने की घटना में 4,000 से अधिक सुरक्षाबल घायल हुए हैं।

राजनाथ ने कश्मीर में शांति की बहाली के लिए अपील की लेकिन अलगाववादी नेताओं के कान पर जूं तक नहीं रेंगी।

राजनाथ ने कहा था कि वह लोकतंत्र, मानवता और सबको साथ लेकर चलने वाली कश्मीरियत में विश्वास रखने वाले किसी भी शख्स के साथ वार्ता के लिए तैयार हैं।

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