श्रीनगर, 12 अप्रैल (आईएएनएस)। जम्मू एवं कश्मीर में रविवार को श्रीनगर-बडगाम संसदीय सीट के लिए उपचुनाव के दौरान भड़की हिंसा और फिर अलगाववादियों की ओर से आहूत दो दिन के बंद के बाद बुधवार को घाटी में शांति लौट आई है।
कश्मीर में रविवार को भड़की हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई थी। सुरक्षा बलों की कार्रवाई के विरोध में अलगाववादियों ने सोमवार और मंगलवार को बंद बुलाया था, जिस दौरान अधिकांश दुकानें, सार्वनिक परिवहन, शैक्षणिक संस्थान, व्यावसायिक प्रतिष्ठान आदि बंद रहे।
घाटी में बुधवार को हालांकि आम जनजीवन पटरी पर लौटता दिखा। सड़कों पर यातायात सामान्य देखा गया और पैदल चलने वालों की आवाजाही भी सामान्य दिखी।
अभिभावक अपने बच्चों को स्कूल छोड़ते और छात्र विभिन्न स्थानों पर बसों का इंतजार करते दिखे।
घाटी में अनंतनाग संसदीय सीट के लिए उपुचनाव स्थगित किए जाने के बाद तनाव में कमी आई है। दुकानदार बुधवार सुबह अपनी दुकानें खोलते नजर आए।
निर्वाचन आयोग ने अनंतनाग उपचुनाव 25 मई तक के लिए स्थगित कर दिया है। पहले इसके लिए मतदान 12 अप्रैल यानी आज (बुधवार) ही होना था।
प्रशासन ने घाटी में अतिरिक्त पुलिस व अर्धसैनिक बलों की तैनाती की है। घाटी के संवेदनशील स्थानों पर आवाजाही व यातायात हालांकि अब भी प्रतिबंधित है।
अलगाववादियों ने घाटी में लोगों से सामान्य गतिविधियां फिर से शुरू करने को कहा है। साथ ही श्रीनगर-बडगाम उपचुनाव से दूर रहने के लिए उन्हें धन्यवाद भी दिया।
यहां नौ अप्रैल को मतदान हुआ था, जिसमें केवल सात प्रतिशत वोट पड़े। यह पिछले 27 सालों में घाटी में हुआ सबसे कम मतदान प्रतिशत है।
श्रीनगर-बडगाम संसदीय सीट के लिए उपचुनाव के दौरान अधिकांश हिंसक घटनाएं बडगाम जिले में हुईं, जहां प्रशासन ने 38 मतदान केंद्रों पर गुरुवार को पुनर्मतदान के आदेश दिए हैं।
dharmpath.com dharmpath