रविवार की सुबह रामचंद्र की पत्नी श्यामाकली अपनी डेढ़ साल की बच्ची को लेकर जंगल में शौच के लिए गई थी। उसी दौरान बच्ची खेलते-खेलते 25 फीट गहरे बोरवेल में जा गिरी। बच्ची की रोने की आवाज सुनकर मां दौड़ी। वह दहाड़ मारकर रोने लगी।
लोगों ने घटना की जानकारी नवाबगंज पुलिस को दी। एसओ उदय प्रताप मौके पर पहुंचे। इसके बाद जिला प्रशासन से एडीएम (सिटी) अविनाश सिंह, एसडीएम सदर, एसपी सचींद्र पटेल और सपा विधायक मौके पर पहुंचे। बचाव के लिए उर्सला के डॉक्टरों की टीम मौके पर भी पहुंची।
लगातार चार घंटे बचाव कार्य जारी रहा, इसके बावजूद जब बच्ची को बाहर नहीं निकाला जा सका, तब विधायक ने डीएम से कहकर सेना को बुलाया।
कैंट से जाट रेजीमेंट के जवान 11 बजे अपने लाव-लश्कर के साथ पहुंचकर बचाव अभियान शुरू किया। बेटी की सांसें चलने की जानकारी होने पर उसे जीवित रखने के लिए डॉक्टरों ने बोरवेल में ऑक्सीजन भेजने की व्यवस्था की। सेना की टीम राहत कार्य में जुटी हुई है।
सेना के करीब 50 जवानों ने पूरे बोरवेव इलाके की घेराबंदी कर ली है। उन्होंने दूरबीन के जरिए फोटो लेकर डॉक्टरों को दिखाया।
डॉक्टर राजेश बाजपेयी ने बताया कि खुशी की सांस चल रही है, मशीन के जरिए बोरवेल में ऑक्सीजन पहुंचाया जा रहा है।
मेजर हरविंदर सिंह ने कहा, “हम खुशी को जिंदा बाहर निकालने के लिए जी जान लगा देंगे। हां, बचाव कार्य में वक्त जरूर लग सकता है।”
दरअसल, नवाबगंज थानाक्षेत्र के टीवी अस्पताल के पास खाली पड़ी जमीन पर बिहार के कुछ लोग कई सालों से यहां पर झोपड़ी बनाकर रह रहे हैं। क्षेत्रीय लोगों का कहना है कि यहां पर नगर निगम की लापरवाही से बोरवेल खुला पड़ा है। कई बार अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद इसे ढकवाया नहीं गया।
सपा विधायक ने खुले पड़े पांच बोरवेल के बारे में नगर निगम के अधिकारियों को जमकर फठकार लगाई। विधायक ने डीएम कौशल राज किशोर को फोन लगाकर लापरवाह कर्मचारियों के खिलाफ जांच के साथ ही कार्रवाई के लिए कहा है।
विधायक ने इस दौरान डीएम और एडीएम को भी खरी-खोटी सुनाई, मौके पर खड़े एडीएम सिटी ने खुशी के परिजनों को हरसंभव मदद के साथ ही लापरवाही करने वाले नगर निगम के कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया।
समाचार लिखे जाने तक बच्ची को बाहर निकालने के लिए सेना का बचाव अभियान जारी है।
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