मुंबई, 25 अप्रैल (आईएएनएस)। फ्रांस के कान्स में होने वाले ‘कान्स फिल्म महोत्सव-2016’ की शुरुआत 11 मई से होने जा रही है। महोत्सव में इस वर्ष भारतीय मूल के निर्देशक वरुण चोपड़ा की पहली शॉर्ट फिल्म, ‘गॉड ऑन अ लीश’, को जगह मिल गई है। यह 14 मिनट की एक छोटी-सी फिल्म है, जिसे राजधानी दिल्ली में फिल्माया गया है।
इसकी कहानी भारत के दो प्राचीन कलाओं के इर्द-गिर्द घूमती है। ये आज के आधुनिक युग में भी फल-फूल रहे हैं, जिसका आधार हिंदू देवता हनुमान के प्रति सच्ची श्रद्धा है।
इनमें से एक समुदाय है ‘मदारी’, जिसे पुराने जमाने में बंदरों को प्रशिक्षित करने का जिम्मा दिया जाता था, ताकि वह इंसानों का मनोरंजन कर सकें। वहीं दूसरा समुदाय है ‘बहुरूपिया’ जिसे भेस बदलने में महारत हासिल है। ये लोग पारंपरिक प्रभाववादी होते हैं और अपने बच्चों को लंगूर की तरह बर्ताव करना सिखाते हैं।
वरुण बताते हैं कि इन दोनों ही समुदायों में समानता के दो आधार हैं, पहला गरीबी और दूसरा वानर-देव हनुमान पर उनकी सच्ची निष्ठा और आस्था। हनुमान नि:स्वार्थ समर्पण और मजबूती के उदाहरण हैं।
वरुण की यह छोटी फिल्म ‘मदारी’ और ‘बहुरूपिया’ समुदाय के समानांतर विरोध को दर्शाएगी। एक तरफ ये फिल्म बंदरों के उस परिवार को दिखाती है, जो अपने मालिक से पकड़े जाने बाद इधर-उधर भटकते हैं। इंसानों के मनोरंजन के लिए उन्हें बेहद दर्दनाक माहौल में प्रशिक्षित किया जाता है और उसके साथ बहुत बुरा व्यवहार होता है।
दूसरी तरफ, बहुरूपिया समुदाय का एक युवक बंदर के भेस में जनता के बीच अपने करतब दिखाता है।
महज 22 साल के वरुण चोपड़ा इस बार कान्स में चयनित होने वाले सबसे युवा निर्देशक हैं। वर्ष 1947 में शुरू हुए इस महोत्सव को विश्व के सबसे प्रतिष्ठित फिल्म प्लेटफार्म में से एक माना जाता है। यहां दुनिया भर के अलग-अलग क्षेत्रों से आईं फिल्मों और डॉक्यूमेंट्री की समीक्षा की जाती है और उन्हें पुरस्कृत किया जाता है।
निर्देशक वरुण चोपड़ा कहते हैं, ‘दोनों समूह प्रदर्शन के लिए हनुमान के मंदिर में इकठ्ठा होते हैं। मेरी डॉक्यूमेंट्री जानवरों और इंसानों के किरदार की अदला-बदली की संभावना पर जोर देती है।
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