तिरुवनंतपुरम, 31 अगस्त (आईएएनएस)। केरल राज्य मानवाधिकारआयोग ने बुधवार को कहा कि वैसे लोग जो ट्रेड यूनियनों द्वारा आहूत दो सितंबर को अखिल भारतीय हड़ताल में शामिल न होने की इच्छा नहीं रखते हैं, वे हड़ताल से अलग रह सकते हैं और उस दिन अपना काम जारी रख सकते हैं।
पटना उच्च न्यायालय के पूर्व मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति जे.बी.कोशे ने कहा कि केरल सरकार यह सुनिश्चित करे कि किसी भी नागरिक के काम करने के मौलिक अधिकार पर हड़ताल का असर नहीं पड़े।
कोशे ने यहां संवाददाताओं से कहा, “हड़ताल करने का अधिकार कानूनी रूप से सही है, जबकि काम करने का अधिकार मौलिक अधिकार है और इसे किसी को नहीं रोकना चाहिए।”
उन्होंने कहा, “यह राज्य सरकार की जिम्मेदारी है कि वह काम करने के इच्छुक लोगों को कार्य स्थल तक पहुंचाने के लिए आवश्यक व्यवस्था करे।”
केरल के राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष के रूप में कोशे का पांच वर्ष का कार्यकाल अगले सप्ताह समाप्त हो जाएगा।
उन्होंने कहा, “पश्चिम बंगाल में हाल में मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने एक बंद के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की। यह काम कर गया। ऐसा केवल पश्चिम बंगाल व केरल में ही होता है कि हड़ताल के दौरान कोई काम नहीं होता।”
कोशे ने कहा कि वह आयोग का अध्यक्ष पद बेहद खुशी के साथ छोड़ रहे हैं, क्योंकि अपने कार्यकाल के दौरान उन्होंने कई लोगों खासकर कमजोर तबके के लोगों की सहायता की।
उन्होंने कहा, “जब मैंने साल 2011 में कार्यभार संभाला था, तब 5,000 मामलों को निपटाया जा चुका था। लेकिन साल 2015 में यह आंकड़ा 13,000 तक पहुंच गया। और इस साल अब तक हम 8,800 मामलों को निपटा चुके हैं।”
dharmpath.com dharmpath