शाही ने कहा, “किसानों को अच्छे बीज, उर्वरक, रसायन आदि उपलब्ध कराने के लिए कार्ययोजना बना ली जाए। किसानों द्वारा इस संबंध में की गई कोई भी शिकायत क्षम्य नहीं होगी।”
उन्होंने कहा कि खेती की लागत कम करने तथा किसानों के उत्पादों के विपणन का प्रारूप भी बनाया जाए। इसको व्यावहारिक बनाए जाने के लिए गांव स्तर पर जाकर किसानों से बातचीत की जाए तथा योजनाओं का अध्ययन किया जाए। शाही ने बुंदेलखंड में चल रही योजनाओं में खेत तालाब योजना, चेकडैम तथा सोलर पंप की भी गहन समीक्षा की।
उन्होंने प्रधानमंत्री की विशेष योजना ‘प्रधानमंत्री फसल बीमा’ पर तुरंत काम करने, ई-किसान मंडी योजना तथा मृदा परीक्षण पर विशेष ध्यान देने के निर्देश अधिकारियों को दिए।
dharmpath.com dharmpath