शनिवार को पार्टी कार्यालय में मायावती ने प्रदेश के वरिष्ठ पदाधिकारियों के साथ बैठक की और कहा, “भाजपा सरकारें जिस तरह किसानों की अनदेखी कर रही हैं, उसके चलते किसान आंदोलन को मजबूर हैं। महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में भी किसानों ने भाजपा सरकारों की जुल्म-ज्यादती और भेदभाव के चलते आंदोलन किया और सरकार ने उनपर गोली चलवा कर उन्हें मरने पर मजबूर कर दिया।”
उन्होंने कहा कि इतना सब होने के बाद भी भाजपा व मोदी ‘अच्छे दिन’ आने का दावा कर रही है।
मायावती ने प्रदेश की भजपा सरकार को निशाने पर लेते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में भी भाजपा के नेताओं का अहंकारी, जातिवादी व सांप्रदायिक रवैया जारी है, जिसकी वजह से प्रदेश की स्थिति समान्य नहीं है और चारों ओर सिर्फ अपराध बोल रहा है।
उन्होंने कहा, “अस्पताल, थाने व सफाई तक का बुरा हाल है। इससे आम जनता त्राहि-त्राहि कर रही है। लेकिन भाजपा नेताओं और मंत्रियों द्वारा केवल खोखले आश्वासन और घोषणाओं का दौर जारी है।”
बसपा अध्यक्ष ने मध्यप्रदेश के मंदसौर में आंदोलन कर रहे किसानों पर गोलीबारी और छह किसानों की मौत पर दुख जताते हुए निंदा की और कहा कि उप्र में भी कुछ किसानों के मामूली कर्ज माफ किए गए, लेकिन किसानों को इसका लाभ मिलता नजर नहीं आ रहा है। अन्य वादों की तरह यह भी केवल कागजी घोषणा बन कर रह गया है।
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