भोपाल, 18 फरवरी (आईएएनएस)। मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के शेरपुर में गुरुवार को आयोजित किसान महासम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना की औपचारिक शुरुआत करते हुए कहा कि देश के किसानों को पहली बार यूरिया खाद के लिए परेशान नहीं होना पड़ा।
मोदी ने 2014 से पहले यूरिया की किल्लत का जिक्र करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की व्यवस्था का ही नतीजा है कि 2015 में देश के किसी भी राज्य के मुख्यमंत्री ने उन्हें यूरिया के लिए पत्र नहीं लिखा। किसानों को कहीं भी खाद या यूरिया के लिए कतार में नहीं लगना पड़ा।
इससे पूर्व, मोदी ने शेरपुर में प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना से संबंधित दिशा-निर्देश जारी कर इसकी औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर उन्होंने कहा, “किसानों का पिछली सरकार की बीमा योजना में यकीन नहीं था, यही कारण है कि 20 प्रतिशत किसान भी बीमा नहीं कराते थे। इस चुनौती का सामना करते हुए यह योजना बनाई गई है। पुरानी योजना में व्यापक बदलाव किया गया है।”
उन्होंने कहा कि इस योजना की खूबी को इसी बात से समझा जा सकता है कि जो लोग सुबह-शाम मोदी को कोसते थे, वे भी फसल बीमा योजना की आलोचना नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह योजना वास्तव में किसानों की सभी समस्याओं का समाधान करेगी।
मोदी ने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की बीमा योजना से किसानों को नहीं, बल्कि कंपनियों को लाभ होता था, लेकिन यह योजना किसानों को ज्यादा से ज्यादा फायदा पहुंचाने वाली है। इस योजना में प्रीमियम की राशि तय की गई है। साथ ही मिलने वाली राहत राशि को भी छिपाया नहीं गया है।
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