अगरतला/गुवाहाटी, 25 जुलाई (आईएएनएस)। केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों को जिहादी गतिविधियों के बारे में सतर्क किया है और उन पर कड़ी नजर रखने को कहा है।
त्रिपुरा सरकार के गृह विभाग के एक शीर्ष अधिकारी ने केंद्रीय गृह मंत्रालय द्वारा जारी एक परामर्श के हवाले से कहा, “गृह मंत्रालय ने पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों से आग्रह किया है कि वे जिहादी गतिविधियों के खतरे पर नजर बनाए रखे, खासतौर पर असम में।”
अधिकारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर कहा कि केंद्र ने इसके अलावा सभी केंद्रीय और प्रांतीय खुफिया एजेंसियों से अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर नजर रखने को कहा है।
केंद्रीय गृह राज्यमंत्री किरण रिजीजू ने गुवाहाटी में कहा कि पूर्वोत्तर भारत में कट्टरपंथियों की धमकी कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा, “खतरे का जोखिम काफी अधिक है, क्योंकि पूर्वोत्तर का 98 फीसदी क्षेत्र अंतर्राष्ट्रीय सीमा से जुड़ा है। आईएस (इस्लामिक स्टेट) भी इस क्षेत्र में अपना प्रभाव बढ़ाना चाहता है। केंद्र इस खतरे से निपटने के लिए हर संभव कदम उठा रहा है।”
त्रिपुरा के पुलिस महानिदेशक के. नागराज ने कहा कि राज्य सरकार ने सीमा सुरक्षा बल से ढाका से आतंकवादी हमले के मद्देनजर सतर्क रहने को कहा है।
नागराज ने आईएएनएस से कहा, “हालांकि किसी खतरे की कोई विशिष्ट सूचना नहीं है, लेकिन राज्य में सीपीएमएफ, त्रिपुरा पुलिस और त्रिपुरा स्टेट राइफल्स को स्थिति पर नजर रखने को कहा गया है।”
बार्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) के चटगांव सेक्टर के क्षेत्रीय निदेशक बिग्रेडियर जनरल मोहम्मद हबीबुल करीम ने कहा कि वे सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के साथ आतंकवाद से जुड़ी सूचनाओं को साझा कर रहे हैं।
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