हिंसापूर्ण आंदोलन पर उन्होंने हालांकि कहा कि ऐसे माहौल से देश एवं प्रदेश की शांति व्यवस्था को नुकसान पहुंचता है। उन्होंने उप्र में जाट समुदाय के लोगों से शांति व्यवस्था बनाए रखने की अपील की।
चौहान ने कहा कि पूर्व यूपीए सरकार के दौरान चौधरी अजित सिंह के प्रयासों से जाट आरक्षण लागू हुआ था, जिसे वर्तमान में केंद्र में काबिज भाजपा सरकार ने जाट आरक्षण समाप्त करने के लिए लचर पैरवी की थी। इसका नतीजा है कि ऐसा माहौल उपजा है।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के कुछ मंत्रियों द्वारा देश एवं प्रदेश का माहौल बिगाड़ने की कोशिश भी की जा रही है, जिससे आंदोलन को हिंसक रूप दिया गया।
रालोद नेता ने कहा कि हरियाणा के माहौल को देखते हुए केंद्र एवं प्रदेश दोनों सरकारों को शांति व्यवस्था कायम करने के लिए जाटों के हित में पहल करनी चाहिए और वादों के मुताबिक जाट आरक्षण दिलाया जाना चाहिए।
चौहान ने कहा कि सांप्रदायिक ताकतों के बल पर केंद्र में काबिज भाजपा सरकार ने जाटों सहित पूरे देश की जनता को ठगा है। उनके साथ विश्वासघात किया है। उन्होंने उप्र की जनता को भाजपा से सचेत रहने की सलाह दी है।
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