तिरुवनंतपुरम, 15 सितम्बर (आईएएनएस)। केरल के रिजनल कैंसर सेंटर में ल्यूकेमिया (रक्त कैंसर) से पीड़ित एक नौ वर्षीय लड़की को खून चढ़ाने के बाद उसमें एचआईवी की पुष्टि हुई है। इस मामले पर विपक्ष ने आरसीसी की इस गड़बड़ी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
विपक्ष के नेता रमेश चेंनिखाला ने आरसीसी में बच्ची और उसके माता-पिता से मुलाकात की और उसके तुरंत बाद मीडिया से बातचीत की।
कांग्रेस नेता ने कहा, “इस समय इस घटना की विस्तृत जांच और इतनी बड़ी गलती करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जरूरत है। यह बच्ची कैंसर के उपचार के लिए यहां आई थी और अब वह एचआईवी (ह्यूमन इम्यूनोडिफिसिएंसी वायरस) संक्रमित हो गई है। मैंने मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से बात की और उन्हें मामले की जानकारी दी।”
उन्होंने कहा कि राज्य सरकार को बच्ची और उसके परिवार की मदद के लिए आगे आना चाहिए।
वहीं, केरल की सरकार ने घटना की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक टीम गठित की है।
पिछले कुछ सालों से राज्य की राजधानी का यह कैंसर संस्थान दवाओं के परीक्षण, नियुक्तियों में भ्रष्टाचार जैसे विभिन्न विवादों से घिरा है।
आरसीसी के एक शीर्ष कर्मचारी ने इस साल की शुरुआत में सेवानिवृत्ति होने से ठीक पहले ही विजयन और राज्य के शीर्ष अधिकारियों को एक विस्तृत पत्र भेजकर संस्थान में विभिन्न अनियमितताओं की जानकारी दी थी।
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