कोच्चि, 3 जुलाई (आईएएनएस)। केरल के सीरो कैथोलिक चर्च ने रविवार को देश में समान नागरिक संहिता लागू करने की दिशा में नरेंद्र मोदी सरकार के बढ़ते कदम का स्वागत किया है।
कार्डिनल मारन मार जॉर्ज एलेनचेरी ने यहां संवाददाताओं से कहा कि वे समान नागरिक संहिता की दिशा में आगे बढ़ने के केंद्र सरकार के फैसले का स्वागत करते हैं।
कार्डिनल ने कहा, “यह चर्चा के माध्यम से होना चाहिए और इस पर एक आम सहमति बनानी चाहिए, क्योंकि हमारा देश बड़ी विविधता वाला है।”
समान नागरिक संहिता का उद्देश्य धर्म ग्रंथों और प्रथाओं पर आधारित बड़े धार्मिक समुदायों के पर्सनल लॉ की जगह प्रत्येक नागरिक को शासनाधीन लाने के लिए एक समान कानून समुच्चय लागू करना है।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने 2014 के आम चुनाव के दौरान अपने चुनावी घोषणा पत्र में समान नागरिक संहिता का वादा किया था।
लेकिन केरल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और पूर्व गृहमंत्री रमेश चेन्निथला ने रविवार को संवाददाताओं से कहा कि समान नागरिक संहिता देश की धर्मनिरपेक्ष संरचना के अंत का संकेत देगी।
उन्होंने कहा, “उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह एक चाल है, लेकिन यह लोगों को अलग नावों में बैठाने जा रही है। यह राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ का कार्यक्रम है, जिसे भाजपा लागू करने जा रही है और इसकी गंभीर प्रतिक्रियाएं होंगी। “
लेकिन प्रदेश भाजपा अध्यक्ष के. राजशेखरन ने रविवार को कहा कि जो लोग समान नागरिक संहिता का विरोध करते हैं वे देश की प्रगति के खिलाफ हैं।
राजशेखरन ने राज्य की राजधानी में एक प्रेस विज्ञप्ति जारी कर कहा, “यह अजीब लगता है कि कुछ लोग विरोध करते हैं, जबकि समान नागरिक संहिता पर एक विचार-विमर्श हुआ है। ऐसा प्रतीत होता है कि भरतीय मुस्लिम लीग विभाजन के काल में रह रहा है और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कांग्रेस पार्टी उसका समर्थन कर रही है। इसका उद्देश्य हिन्दू विचारधारा दूसरों पर थोपना नहीं है।”
केंद्रीय कानून मंत्रालय ने विधि आयोग को समान नगारिक संहिता लागू करने के मुद्दे की पड़ताल करने को कहा है।
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