कोल्लम (केरल), 12 अप्रैल (आईएएनएस)। पुत्तिंगल मंदिर में रविवार तड़के हुए हादसे के बाद 21 लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं। इसके मद्देनजर अधिकारियों ने मंगलवार को उन शवों की डीएनए जांच का काम शुरू कर दिया, जिन्हें लेने कोई नहीं आया है।
अधिकारियों के मुताबिक स्वास्थ्य विभाग ने उन परिवारों से बुधवार को कोल्लम पहुंचने के लिए कहा है जिनके सदस्य हादसे के बाद से लापता हैं।
परिजनों को लापता लोगों का पहचान पत्र प्रस्तुत करना होगा और कोल्लम के जिला अस्पताल में एक विशेष काउंटर पर अपने रक्त का नमूना देना होगा।
मंदिर में आतिशबाजी के दौरान हुई दुर्घटना में घायल हुए सत्यम नामक 55 वर्षीय एक व्यक्ति की तिरुवनंतपुरम के मेडिकल कॉलेज अस्पताल में मंगलवार सुबह मौत हो गई। इसके साथ ही हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 110 हो गई है।
कोल्लम जिले के पारावुर कस्बा स्थित पुत्तिंगल देवी मंदिर में रविवार को आतिशबाजी के दौरान वहां रखे पटाखों में भीषण विस्फोट के बाद आग लग गई। आतिशबाजी देखने के लिए हजारों लोग वहां मौजूद थे।
घटना में 350 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जिनका इलाज कोल्लम व तिरुवनंतपुरम के अस्पतालों में चल रहा है। कम से कम 25 घायलों की हालत नाजुक बताई जा रही है।
अधिकारियों ने कहा कि अब तक 13 शवों की पहचान हो पाई है। उन्हें कोल्लम व तिरुवनंतपुरम के अस्पतालों में रखा गया है।
प्रदेश के मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि मुआवजे व राहत के तौर पर पीड़ितों व उनके परिजनों को अब तक 20 करोड़ रुपये दिए जा चुके हैं।
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