तिरुवनंतपुरम, 23 मई (आईएएनएस)। केरल की स्वास्थ्य मंत्री के. के. शैलजा ने बुधवार को कहा कि राज्य में निपाह वायरस के प्रकोप को काबू में कर लिया गया है और घबराने की जरूरत नहीं है।
प्रदेश में निपाह वायरस की चपेट में आकर 10 लोगों की मौत हो चुकी है।
कोझीकोड मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल में 17 लोगों का इलाज चल रहा है। वायरस का संक्रमण कोझीकोड और मालप्पुरम जिलों के बाहर नहीं होने दिया गया है।
लेकिन, मंत्री ने कहा कि कोझीकोड में नए मामले में दो लोगों को बुखार की शिकायत होने पर निपाह के संदिग्ध संक्रमण के मद्देनजर निगरानी में रखा गया गया है।
शैलजा ने मीडिया को बताया कि हालांकि वायरस पर काबू पा लिया गया है मगर सावधानी बरतने की जरूरत है।
उन्होंने कहा, “इन मरीजों पर होने वाले पूरे खर्च का वहन प्रदेश सरकार करेगी। किसी को घबराने की जरूरत नहीं है। ऐसे मामलों में उपचार के लिए आमतौर पर इस्तेमाल होने वाली दवा रिबाविरिन की आपूर्ति का सरकार इंतजार कर रही है।”
मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता के बाद मुख्यमंत्री पिनारई विजयन ने बुधवार को बीमारी से मरने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिवार को पांच लाख रुपये की अनुग्रह राशि प्रदान करने की घोषणा।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से जारी बयान में कहा गया, “हमने मृतक नर्स लीनी के पति को सरकारी नौकरी देने का फैसला लिया है।”
कोझीकोड के पेराम्बरा में निपाह के मरीजों की देखभाल करने के दौरान लीनी की मौत हो गई थी।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से कहा गया कि लीना के दोनों बच्चों को भी पांच-पांच लाख रुपये दिए जाएंगे। इस रकम को वे 18 साल की उम्र के बाद निकाल पाएंगे।
निपाह वायरस का संक्रमण चमगादड़, सूअर के सीधे संपर्क आने या इस रोग से पीड़ित अन्य लोगों के संपर्क में आने से होता है।
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