तिरुवनंतपुरम, 19 मई (आईएएनएस)। केरल में ओमन चांडी के नेतृत्व वाली चार साल पुरानी सरकार पर संकट के बादल अब छटते हुए प्रतीत हो रहे हैं। कांग्रेस पार्टी ने अपने गठबंधन और पार्टी के भीतर व्याप्त समस्याएं सुलझा ली है।
कांग्रेस के नेतृत्व वाले सत्ताधारी गठबंधन, संयुक्त लोकतांत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) ने लोगों को सरकार की चार साल की उपलब्धियों से अवगत कराने के लिए चार रैलियां मंगलवार सुबह रवाना की। ये रैलियां पूरे राज्य से निकलेंगी।
मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने राजधानी में रैली को हरी झंडी दिखाई। यूडीएफ का दूसरा सबसे बड़ा सहयोगी दल इंडियन यूनियन मुस्लिम लीग अपने गढ़ मल्लपुरम में रैली निकाल रहा है, जिसे पार्टी के सर्वोच्च नेता पनकद सैयद हैदराली शिहाब थांगल ने हरी झंडी दिखाई।
कोझिकोड में मीडिया दिग्गज एम.पी. वीरेंद्र कुमार ने शाम के समय रैली की अगुवाई की।
चौथी रैली अगले सप्ताह कोट्टायम से रवाना की जाएगी।
राज्य की राजधानी में रैली को हरी झंडी दिखाते हुए मुख्यमंत्री ओमन चांडी ने कहा कि इन रैलियों का उद्देश्य किसी पर हमला करना नहीं है, बल्कि यूडीएफ के ‘विकास और रक्षा’ के उद्देश्य को जनता तक पहुंचाना है और मोर्चे की उपलब्धियों के बारे में लोगों को अवगत कराना है।
चांडी ने कहा, “पिछले चार सालों में राज्य में सभी क्षेत्रों में हुए बदलाव को देखा जा सकता है। केरल का एक अजीबोगरीब पहलू यह है कि हमारे राज्य में सभी चीजें पहले अनावश्यक और निराधार विवादों में उलझ जाती हैं। नया विवाद प्रस्तावित विझिंजम बदरगाह अडानी पोर्ट्स को सौंपने का है। यह पूर्व की वाम मोर्चा सरकार का फैसला था। वाम मोर्चा सरकार ने ही सरकारी आदेश के द्वारा अडानी को विझिंजम का विकास करने में भाग लेने के लिए कहा था।”
कोल्लम लोकसभा क्षेत्र से सांसद और आरएसपी नेता एन.के. प्रेमचंद्रन ने इस बात पर प्रसन्नता जताई कि कांग्रेस ने यूडीएफ के साथ मतभेदों को सुलझा लिया है। प्रेमचंद्रन पर राजधानी में निकाली जाने वाली रैली की जिम्मेदारी है।
एक ओर जहां चांडी सरकार लोगों तक पहुंचने की तैयारी कर रही है, वहीं दूसरी ओर भाजपा ने राज्य सचिवालय के घेराव की योजना तैयार की है। राज्य में ओमन चांडी सरकार में कथित भ्रष्टाचार को लेकर भाजपा के विरोध प्रदर्शन की शुरुआत करने के लिए पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह राज्य की राजधानी पहुंच गए हैं।
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