नई दिल्ली, 20 अप्रैल (आईएएनएस)। दिल्ली पुलिस ने इस बात की जांच शुरू कर दी है कि दो दिन पहले पूर्वी दिल्ली की एक कॉलोनी में लगी आग हाइड्रोजन सिलेंडर में विस्फोट की वजह से तो नहीं भड़की थी। इस हादसे में तीन लोग मारे गए थे।
पुलिस गांधी नगर स्थित आवासीय इमारत में मिले दूसरे सिलेंडर के अवशेषों को फोरेंसिक जांच के लिए भेज रही है। चार मंजिला इमारत की दूसरी मंजिल पर सोमवार रात एक रसोई गैस सिलेंडर फट गया था, जिसमें एक महिला सहित तीन लोगों की मौत हो गई थी और 11 अन्य घायल हो गए थे।
पुलिस ने बुधवार को कहा कि घटनास्थल पर मिले दूसरे सिलेंडर के अवशेषों को सेंट्रल फोरेंसिक साइंसेज लैबोरेटरी (सीएफएसएल) को भेजा जा रहा है, जिससे सिलेंडर के निर्माता का नाम पता चल जाए और इसमें कौन-सी गैस थी, यह जाना जा सके।
मामले की जांच से जुड़े एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने आईएएनएस को बताया, “हम यह पता लगाने के लिए सिलेंडर के अवशेष सीएफएसएल के पास भेजेंगे कि उसमें कौन-सी गैस थी और सिलेंडर का निर्माता कौन है।”
पुलिस अधिकारी ने कहा कि प्रथम दृष्टया ऐसा जान पड़ता है कि सिलेंडर में हाइड्रोजन गैस थी, जो आमतौर पर लोहे को काटने के लिए प्रयुक्त होती है।
पुलिस के मुताबिक, गांधी नगर स्थित आवासीय इमारत में पहला गैस सिलेंडर सोमवार रात करीब आठ बजे फटा और उसके बाद दूसरा सिलेंडर फटा। इमारत वकील संजय कश्यप की बताई गई है।
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