मंडी(हिमाचल प्रदेश), 18 अक्टूबर (आईएएनएस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को कहा कि विगत 30-40 वर्षो में गुम हुईं विकास परियोजनाओं की संचिकाओं का पता लगाने के लिए उनका कार्यालय ‘पुरातत्व विभाग’ को चला रहा है।
यहां एक परिवर्तन रैली को संबोधित करते हुए मोदी ने कहा, “जब मैं प्रधानमंत्री बना तब मैंने कल्पना नहीं की थी कि पीएमओ को एक नया विभाग शुरू करना पड़ेगा। मुझे एक पुरातत्व विभाग शुरू करना पड़ा।”
उन्होंने कहा कि वर्षो पहले शुरू हुईं अधिकांश परियोजनाएं, जिनके केवल शिलान्यास हुए थे, उनकी यथास्थिति बनी हुई थी या उनकी संचिकाएं गुम हो गईं थीं।
साल 1981 में शुरू हुई और तब से रुकी पड़ी नांगल बांध-तलवाड़ा रेल परियोजना का उदाहरण देते हुए मोदी ने कहा, “हम उन संचिकाओं के कंकाल बाहर लाने के लिए तलाश कर रहे हैं। मैं यह देख कर चकित रहा गया कि कई परियोजनाएं अधूरी पड़ी थीं।”
प्रधानमंत्री ने कहा, “मैंने अधिकारियों से पूछा कि 35 वर्ष पुरानी परियोजनाओं का क्या हुआ? जब यह शुरू की गई थी तो इसकी अनुमानित लागत 34 करोड़ रुपये थी। आपराधिक लापरवाही के कारण इसमें देर हुई। हमने इसको हाथ में लिया और परियोजना को पूरा करने के लिए आगे बढ़ाया। आज परियोजना की लागत बढ़कर 2100 करोड़ रुपये हो गई है।”
मोदी ने कहा कि अगर परियोजना 35 साल पहले पूरी हो गई होती तो देश को लाभ भी मिला होता और इस सरकार को इतना आर्थिक भार भी नहीं उठाना पड़ा होता।
dharmpath.com dharmpath