गुरुग्राम, 21 जनवरी (आईएएनएस)। पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय के न्यायाधीश न्यायमूर्ति ए.के. मित्तल ने यहां शनिवार को कहा कि गुरुग्राम को शीघ्र एक अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र मिलेगा।
उन्होंने कहा कि हाल में पंजाब एवं हरियाणा उच्च न्यायालय ने व्यापारिक विवादों पर बातचीत करने हेतु एक मंच प्रदान करने के लिए गुरुग्राम में देश के दूसरे अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र को अपनी मंजूरी दे दी है।
मित्तल ने न्यायमूर्ति सूर्यकांत शर्मा के साथ कहा कि मध्यस्थता केंद्र की स्थापना के लिए प्रस्ताव हरियाणा सरकार को भेज दिया गया है।
केंद्र की स्थापना के बाद बहुराष्ट्रीय कंपनियां उनके विवादों को सिंगापुर, दुबई या लंदन जाकर सुलझाने के बजाय भारत में सुलझा सकती हैं।
उन्होंने कहा कि विविादों को पहले केंद्र में लाया जा सकता है और अगर केंद्र के फैसलों से आवेदक असंतुष्ट है तो उसके बाद पंचाट के फैसलों को अदालतों में चुनौती दी जा सकती है।
न्यायमूर्ति मित्तल और न्यायमूर्ति शर्मा ‘टॉवर ऑफ जस्टिस’ के भूमिपूजन के अवसर पर यहां थे। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दिखाई है और वह केंद्र की स्थापना के लिए इच्छुक है।
यहां 133 करोड़ रुपये की लागत से आठ मंजिल और सात मंजिल वाले दो जस्टिस टॉवर बनाए जाएंगे।
गत साल महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने मुंबई में पहले अंतर्राष्ट्रीय मध्यस्थता केंद्र का उद्घाटन किया था।
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