नई दिल्ली, 13 मार्च (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने कहा है कि अगले एक दशक में देश में गैर-कृषि क्षेत्रों में 11.5 करोड़ नौकरी पैदा करने की जरूरत है।
रविवार को जारी एक बयान के मुताबिक, राष्ट्रपति ने शनिवार को राष्ट्रपति भवन में आयोजित दूसरे नवाचार उत्सव में कहा, “युवाओं के लिए कैरियर के विकल्प के तौर पर स्वरोजगार को बढ़ावा देना सर्वाधिक महत्वपूर्ण होना चाहिए।”
राष्ट्रपति ने कहा कि कई विकसित देशों ने नवाचार, स्टार्ट-अप और शोध क्षेत्र में अग्रणी स्थान हासिल करने के लिए अपनी शिक्षा नेटवर्क का उपयोग किया है।
उन्होंने कहा, “700 से अधिक विश्वविद्यालयों और 35 हजार से अधिक महाविद्यालयों के साथ भारत अपनी बौद्धिक बीज पूंजी का समुचित उपयोग करने की स्थिति में है।”
शोध एवं विकास में भारतीय कंपनियों द्वारा कम निवेश किए जाने के मुद्दे पर राष्ट्रपति ने कहा, “हमारी कंपनियां आरएंडडी पर जो खर्च करती हैं, वह विश्वस्तरीय कंपनियों के खर्च के मुकाबले काफी कम है।”
उन्होंने कहा, “आरएंडडी में सर्वाधिक योगदान सरकार करती है। बिना इस खर्च को बढ़ाए हम मूल्य श्रंखला में ऊपर बढ़ने की उम्मीद नहीं कर सकते हैं।”
उत्सव 12 से 19 मार्च तक चलेगा। राष्ट्रपति भवन और नेशनल इनोवेशन फाउंडेशन (एनआईएफ) मिलकर इसका आयोजन कर रहे हैं।
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